साहिबगंज : माघ पूर्णिमा पर आदिवासी महाकुम्भ में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
साहिबगंज: माघ महीने के पूर्णिमा के मौके पर राजमहल में सादियों से उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर विशाल मेला का आयोजन किया गया है. उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह एवं आदिवासी गुरु अभिराम मरांडी ने संयुक्त रूपये से दीप प्रज्वलित कर मेला का उद्धाटन किया.इस मौके पर बड़ी संख्या में राज्यभर से लोग आस्था की डूबकी लगाने पहुंचे.
उपायुक्त ने कहा कि जिस तरह प्रयागराज में कुम्भ मेला का महत्व हैं ठीक उसी तरह राजमहल उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान करने का महत्व हैं, बेहद भाग्यशाली हैं वे लोग जो उत्तरवाहिनी गंगा के निकट रहते हैं. गुरु मरांग मरांडी ने कहा कि समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे नशे का सेवन नहीं करेंं.
मेले में बिदिन समाज और सफा होर समाज के लोग अपने गुरु के साथ गंगा स्नान के लिए पिछले बुधवार से ही पहुंच रहे हैं.माघ पूर्णिमा मेला आदिवासी महाकुम्भ के नाम से भी जाने जाते हैं. जिसे झारखण्ड सरकार ने दशकों पहले राजकीय मेला घोषित किया हैं.
श्रद्धालु उत्तरवहिनी गंगा में स्नान करने के बाद अस्थाई कैंप में अपने आराध्य गुरु मरांग बुरु, भगवान शिव, भगवान राम और मां गंगा की आराधना की.मेले में मनोरंजन के सभी साधन उपलब्ध हैं, वहीं पश्चिम बंगाल के मालदा से आये श्रद्धालु उदय दास ने बताया कि वे हर साल यहां आते हैं. गंगा घाट में स्नान कर के पुण्य के भागी बने.





