रिवाह बाए तनिष्क का नया ‘मैथिली’ कलेक्शन : मधुबनी कला की कालजयी सुंदरता और आधुनिक शादियों के उत्साह के सम्मान में शानदार सौगात
रांची : अक्षय तृतीया के पावन पर्व यानि नई शुरूआत की उमंग और शहनाईयों की गूंज! इस शुभ अवसर पर तनिष्क का वेडिंग ज्वेलरी सब-ब्रांड'रिवाह बाए तनिष्क'ने पेश किया है अपना विशेष ब्राइडल ज्वेलरी कलेक्शन– 'मैथिली'. क्षेत्र की संस्कृति की झलक दिखाता हुआ यह कलेक्शन,मधुबनी कला की शाश्वत सुंदरता से प्रेरित है. मधुबनी कला के पक्षियों,साथियों,गीतों और परंपराओं से प्रेरित इस कलेक्शन में कमल,मोर और मछली जैसे सुंदर रूपांकनों को सोने की कलाकृतियों में बहुत ही खूबसूरती से उतारा गया है. 18 कैरेट सोने का यह वेडिंग कलेक्शन,सूक्ष्म कलाकारी और आधुनिक कारीगरी का एक बेहतरीन संगम है.
इस भव्य प्रदर्शन का आयोजन १० अप्रैल को रैडिसन ब्लू,रांची,झारखंड में किया गया था. इस कलेक्शन को साह गौरव कृष्ण (रीजनल बिजनेस हेड,ईस्ट) और मोनी शंकर सेनगुप्ता (रीजनल बिजनेस मैनेजर,तनिष्क ईस्ट-2) द्वारा लॉन्च किया गया. यह इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. लॉन्च की सांस्कृतिक गरिमा को बढ़ाते हुए,इस अभियान का चेहरा बनीं अक्षरा सिंह ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए. उन्होंने आधुनिक मैथिली नारी के स्वरूप को जीवंत कर दर्शकों के साथ जुड़ाव को और गहरा बनाया.
बारीक फिलीग्री,जटिल रवा कारीगरी और प्रतीकात्मक बारीकियों से इस कलेक्शन को सजाया गया है. यह सिर्फ आभूषण नहीं,अटूट साथ की निशानी और दुल्हन के खूबसूरत सफर की कहानी है. चोकर और हार से लेकर झुमके और नथिया तक—यह कलेक्शन पेश करता है बिहारी शादी की हर रस्म के लिए दुल्हन का संपूर्ण शृंगार. सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण चूड़ामणि का सम्मान करते हुए,तनिष्क ने रामायण काल के इस पारंपरिक आभूषण को आज की दुल्हन के लिए एक नया रूप दिया है. यह न केवल एक बहुमूल्य विरासत है,बल्कि दुल्हन के व्यक्तित्व की सुंदर अभिव्यक्ति भी है. आज की आधुनिक दुल्हन की पसंद को ध्यान में रखते हुए,इसे पेंडेंट की तरह भी पहना जा सकता है. अशोक वाटिका,पुष्पक विमान और भगवान राम के धनुष-बाण से प्रेरित ये डिज़ाइन,इस कलेक्शन को हमारी महान विरासत और कहानियों से गहराई से जोड़ते हैं.
इस कलेक्शन की एक और खूबी है,अपनी तरह का पहला,बहुत ही अनोखा'मॉड्यूलर मांग टीका'. इस बहुपयोगी डिज़ाइन को आप अपनी पसंद के हिसाब से अलग-अलग तरह से पहन सकती हैं. कमल और मोर के पारंपरिक रूपांकनों से सजा यह मांग टीका सिर्फ एक दिन के लिए नहीं है. इसके हिस्सों को अलग कर आप पेंडेंट की तरह पहन सकती हैं,ताकि आपकी सांस्कृतिक विरासत शादी के बाद भी आपके शृंगार का हिस्सा बनी रहे. इस नवाचार ने हर आभूषण को न केवल सुंदर और अर्थपूर्ण बनाया है,बल्कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में पहनने के लिए भी पूरी तरह आसान और आरामदायक भी किया है.
आज की दुल्हन के लिए क्यों खास है 18 कैरेट सोना
सोने की बढ़ती कीमतों और दुल्हनों की बदलती पसंद को देखते हुए,परिवार अब ऐसे आभूषण चाहते हैं जिनमें संस्कृति की असली पहचान और व्यावहारिकता का सही संतुलन हो. 18 कैरेट सोने में बनाया गया'मैथिली'कलेक्शन मधुबनी कला की बारीक नक्काशी और हल्के,पहनने में आसान डिज़ाइन्स को मुमकिन बनाता है. कलेक्शन की खासियत है डिज़ाइन की वर्सटैलिटी,इन'डुअल-यूज़'डिज़ाइन्स को शादी के साथ-साथ दूसरे कई खास मौकों पर भी सहजता से पहना जा सकता है.
'मैथिली'कलेक्शन सोने के भावनात्मक मूल्य और निवेश संबंधी अहमियत को बरकरार रखता है,और साथ ही इसे आज की आधुनिक दुल्हन की बदलती जीवनशैली के अनुरूप ढालता है. यह सुनिश्चित करता है कि शादी के आभूषण केवल विवाह उत्सव तक ही सीमित न रहें,बल्कि आपके जीवन के हर खास पल का हिस्सा बनें.
'मैथिली'का चेहरा
इस कलेक्शन के लिए,तनिष्क ने एक विशेष क्षेत्रीय अभियान प्रस्तुत किया है,जिसमें अक्षरा सिंह'मैथिली'कलेक्शन का चेहरा बनी हैं. अपनी गहरी सांस्कृतिक जड़ों और विशिष्ट व्यक्तित्व के साथ,वह इस कहानी में सच्चाई और गहराई जोड़ती हैं,और आधुनिक‘मैथिली’दुल्हन के जज़्बे को जीवंत करती हैं. उनके साथ यह अभियान मधुबनी कला की सुंदरता और इस कलेक्शन की बेमिसाल कारीगरी को जीवंत करता है. यह उस महिला का सम्मान है जो अपनी विरासत को आत्मविश्वास और अपनी पहचान के साथ आगे ले जाती है. अक्षरा सिंह का इस अभियान में जुड़ना कलेक्शन के सांस्कृतिक जुड़ाव को और मज़बूत करता है. वह अप्रैल में पूरे क्षेत्र में होने वाले लॉन्च कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाएंगी,जिससे झारखंड के लोगों के साथ ब्रांड का भावनात्मक रिश्ता और भी गहरा होगा.
लॉन्च के अवसर पर टाइटन कंपनी लिमिटेड के आरबीएच ईस्ट,साह गौरव कृष्ण ने कहा, "झारखंड की संस्कृति को यहाँ की महिलाएं बहुत ही खूबसूरती से संजोए हुए हैं. वे पूरे गर्व के साथ अपनी परंपराओं को निभाती हैं और कलाओं को सहेजती हैं. हर‘मैथिली’महिला आत्मविश्वास के साथ इसी जज़्बे को दर्शाती है, पीढ़ियों से चली आ रही विरासत को संरक्षित करती है और साथ ही उसे आधुनिक अंदाज़ में पेश भी करती है. इस अभियान में हम उन महिलाओं का सम्मान कर रहे हैं. जो परंपरा का सम्मान करती हैं और साथ ही उसके भविष्य को भी संवारती हैं.'मैथिली'के माध्यम से,हम उन महिलाओं के अटूट जज़्बे का उत्सव मनाते हैं जो मधुबनी संस्कृति को संरक्षित करती हैं,उसे नए रूप में ढालती हैं और आगे बढ़ाती हैं.“
इस जुड़ाव पर अक्षरा सिंह ने कहा, “इस अभियान का हिस्सा बनना मेरे लिए वास्तव में विशेष रहा है,क्योंकि यह‘मैथिली’महिला की शक्ति,शालीनता और व्यक्तित्व को दर्शाता है. मैं इसी संस्कृति के बीच पली-बढ़ी हूँ,मैंने देखा है कि परंपराएं केवल संरक्षित ही नहीं की जातीं,बल्कि व्यक्तिगत अभिव्यक्ति,रीति-रिवाजों और कला के साथ उन्हें हर दिन जिया जाता है. यह उन महिलाओं के गर्व का उत्सव है जो अपनी पहचान को संजोकर रखती हैं. इस कलेक्शन की खासियत यह है कि यह उसी सोच को ऐसे आभूषणों में साकार करता है जो आज की दुल्हन के लिए सार्थक और प्रासंगिक महसूस होते हैं,जिससे वह अपनी जड़ों से जुड़े रहने के साथ-साथ अपने अनूठे सफर को भी खूबसूरती से व्यक्त कर सकती है.”
कलेक्शन की रचना के बारे में बताते हुए तनिष्क की डिज़ाइन हेड,गरिमा माहेश्वरी ने कहा, “इस कलेक्शन को डिज़ाइन करने के लिए हम मिथिला की गहराइयों में गए—उन कारीगरों के घरों तक जो पीढ़ियों से मधुबनी चित्रकारी कर रहे हैं. हमने न केवल इस कला को समझा,बल्कि इसके पीछे की कहानियों को भी जाना: कैसे यादों,रीति-रिवाजों और मौसमों के साथ हर एक रेखा या आकृति जीवंत हो उठती है. इन्हीं चर्चाओं से इस क्षेत्र की लोककथाओं से जुड़ी थीम तैयार हुईं—प्रकृति की कहानियाँ,मौसमों की खुशियां मनाती महिलाएं,साथ ही,भक्ति और खुशी के भाव. इन कहानियों ने ही हमारे डिज़ाइन्स को दिशा दी,जिससे हमें ऐसी आकृतियाँ चुनने में मदद मिली जो हमारी संस्कृति से भी जुड़ी हैं और महिलाओं का सम्मान भी करती हैं. हमने उनकी दुनिया से सीखा और अब उन्हीं के लिए डिज़ाइन किया है—इन आकृतियों और दुल्हनों की पसंद को बहुत सोच-समझकर आधुनिक गहनों में ढाला गया है. 3D-कास्ट आकृतियों और घूमने वाले पेंडेंट से लेकर प्रतीकात्मक'चूड़ामणि'तक,हर डिज़ाइन के सबसे करीब है परंपरा और फिर भी वह आधुनिक अभिव्यक्ति के लिए जगह बनाता है. हमारा खास 18KTसोना हमें ऐसे गहने बनाने में मदद करता है जो दिखने में भव्य और शाही हैं,लेकिन वज़न में हल्के और पहनने में बेहद आरामदायक. आज की दुल्हन आत्मविश्वास से भरी है और अपनी पसंद का अंदाज़ खुद चुनती है."
10 अप्रैल 2026 से ग्राहक फेस्टिव ऑफर्स का लाभ उठा सकते हैं,जिसमें शामिल हैं—डायमंड वैल्यू पर 20% तक की छूट,और किसी भी जौहरी से खरीदे गए सोने पर 100% एक्सचेंज वैल्यू.
About Tanishq:
Tanishq, India’s most-loved jewellery brand from the TATA Group, has been synonymous with superior craftsmanship, exclusive designs and guaranteed product quality for over two decades. It has built for itself the envious reputation of being the only jewellery brand in the country that strives to understand the Indian woman and provide her with jewellery that meets her traditional and contemporary aspirations and desires. To stress their commitment to offer the purest jewellery, all Tanishq stores are equipped with the Karatmeter which enables customers to check the purity of their gold in the most efficient manner. The Tanishq retail chain currently spreads.





