पीएमसीएच ने रचा इतिहास : पहली बार प्लाज्मा एक्सचेंज से बचाई गई मरीज की जान
पटना:पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) ने गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार सफलतापूर्वक प्लाज्मा एक्सचेंज (प्लाज्माफेरेसिस) प्रक्रिया कर एक दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारी से पीड़ित मरीज की जान बचाई गई। इसे बिहार की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
नेफ्रोलॉजी विभाग ने सफलतापूर्वक कीजटिल उपचार
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के अनुसार, नेफ्रोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने लगातार तीन दिनों तक चले इस जटिल उपचार को सफलतापूर्वक पूरा किया। प्लाज्मा एक्सचेंज के दौरान मरीज के रक्त से बीमारी पैदा करने वाले प्लाज्मा को अलग कर बाहर निकाला गया और उसकी जगह सुरक्षित प्लाज्मा मिलाकर रक्त को दोबारा शरीर में प्रवाहित किया गया। यह प्रक्रिया गंभीर ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज में बेहद प्रभावी मानी जाती है।
मरीज दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारी न्यूरोमायलाइटिस ऑप्टिका से था पीड़ित
बताया गया कि मरीज दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारी न्यूरोमायलाइटिस ऑप्टिका से पीड़ित था। इलाज के बाद उसकी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ और उसकी जान बचाई जा सकी। अस्पताल प्रशासन ने इस सफलता का श्रेय नेफ्रोलॉजी विभाग की पूरी मेडिकल टीम को दिया है।
पीएमसीएच में मरीज को मिली निशुल्क उपचार
सबसे अहम बात यह रही कि जिस उपचार पर निजी अस्पतालों में ढाई से तीन लाख तक खर्च आता है,वही सुविधा पीएमसीएच में मरीज को पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई गई। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें महंगे निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
पीएमसीएच की बड़ीउपलब्धि
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पीएमसीएच की यह उपलब्धि बिहार में सरकारी चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती क्षमता और आधुनिक इलाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में इस तरह की जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं का लाभ राज्य के अधिक से अधिक मरीजों को मिल सकेगा।





