निर्मला सीतारमण का खुला पिटारा : दवाएं सस्ती, इनकम टैक्स पर नहीं मिली राहत, शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया. उन्होंने आम आदमी से लेकर गरीब और किसानों के लिए कई घोषणाएं की है. लेकिन मध्यम वर्ग को आयकर के मोर्चे पर कोई राहत नहीं दी है.
उन्होंने आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है. इनकम टैक्स स्लैब पहले की तरह ही रहेंगे. इसके अलावा स्टैंडर्ड डिडक्शन में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है. वहीं शेयर बाजार को भी कोई राहत नहीं मिलने से बाजार में बड़ी गिरावट आ गई है. निफ्टी 50 पौने तीन फीसदी गिरकर 25600 के नीचे चला गया है.
लोकसभा में बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा-कैंसर, डायबिटीज की दवाएं सस्ती होगी. ऑटो इम्यून दवाएं भी सस्ती होंगी.बायोफार्मा सेक्टर को 40 हजार करोड़. महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू होगी.टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जाएगी. 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर बनाया जाएगा.कंटेनर निर्माण के लिए10हजार करोड़ रुपए. सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत होगी, MSME सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं. लघु उद्योग के लिए 7 हजार करोड़ रुपए है. ग्लोबल बॉयोफार्मा सेंटर के लिए10हजार करोड़ दिए गए हैं. टियर-2,टियर-3शहरों के लिए विकास प्लान तैयार किया गया है.
वित्त मंत्री ने कहा है कि देश में 7 नए हाई स्पीड कॉरिडोर बनाए जाएंगे जो मुंबई से पुणे,पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई,सिलिगुड़ी से वाराणसी के बीच तैयार होंगे.
वित्तमंत्री ने कहा है कि मेगा टैक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे. नेशनल फाइबर स्कीम, मैन रोड फाइबर,एडवांस्ड फाइबर,नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को प्रोत्साहन और मदद दी जाएगी. एकेडमिक इंस्टीट्यूट से तकनीकी मदद संभव होगी.
बजट भाषण में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वैश्विक हालात में अनिश्चितता के बावजूद सरकार ने हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित की है. भारत की आर्थिक दिशा स्थिर रही है और देश 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है. लगातार नौवां बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आर्थिक विकास को मजबूत करना और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है. यह बजट सबका साथ,सबका विकास के मंत्र पर आधारित है.
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार ने हमेशा असमंजस की जगह ठोक कदम उठाए हैं. हमने बड़े आर्थिक सुधार किए हैं, वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है और मुद्रा स्थिरता के साथ-साथ सार्वजनिक निवेश पर विशेष ध्यान दिया है.
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा आज दुनिया में व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर संकट है. संसाधनों और आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें आ रही हैं. नई तकनीकें उत्पादन के तारीखों को बदल रही हैं और पानी,ऊर्जा और जरुरी खनिजों की मांग बढ़ा रही हैं. ऐसे माहौल में भारत संतुलन और समावेशन के साथ विकसित भारत की ओर कदम बढ़ाता रहेगा.





