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JHARKHAND NEWS : राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रांची को मिली रैंकिंग नहीं है संतोषजनक-सुशांत गौरव

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रांची: केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के तहत जारी की गई रैंकिंग में झारखंड की रैंकिंग 27वें स्थान पर है, जबकि रांची से बेहतर प्रदर्शन धनबाद का रहा. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के तहत धनबाद 17वें स्थान पर है. रांची का स्कोर 162.5 रहा, जबकि धनबाद का स्कोर 174.5 रहा. हालांकि झारखंड की औद्योगिक नगरी जमशेदपुर को 37वां स्थान मिला और स्कोर 147.3 रहा. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में रांची को मिली रैंकिंग से रांची नगर निगम के अधिकारी भी चिंतित हैं. नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के तहत रांची को मिली रैंकिंग संतोषजनक नहीं है. एयर एंबिएंट क्वालिटी के लिए एंटी स्मॉग गन की उपयोगिता बढ़ाई जाएगी. मुख्य सड़कों के किनारे खाली स्थानों पर पेवर ब्लॉक लगाए जाएंगे. साथ ही पौधारोपण कार्य कराए जा रहे हैं. इसके अलावा स्वच्छ वायु को प्रदूषित करने वाले अन्य तत्वों की भी मॉनिटरिंग की जा रही है. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के तहत सर्वेक्षण में यह रैंकिंग रांची, धनबाद और जमशेदपुर को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी के तहत प्रदान किया गया है. सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक आबादी वाले कुल 48 शहरों को एक श्रेणी में शामिल किया गया था. वहीं, दूसरी ओर राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग में 30 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी में रांची नगर निगम क्षेत्र स्थित वार्ड-29 को शामिल किया गया, जबकि 10 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी में वार्ड-26 ने जगह बनाई है.

AQI इंडेक्स से मिलेगी रियल टाइम जानकारी

राजधानी रांची की स्वच्छ वायु को प्रदूषित करने वाले तत्वों पर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है. शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण की निगरानी और आम लोगों को रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) की ओर से शहर के कई प्रमुख स्थानों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए हैं. इन अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से हवा में फैलने वाले प्रदूषित तत्वों का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है. प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से एयर एंबिएंट क्वालिटी इंडेक्स जारी किया जाएगा, ताकि आम लोग यह जान सकें कि शहर की हवा उनके स्वास्थ्य के लिए कितनी सुरक्षित है. विशेषज्ञों के अनुसार, PM2.5 और NO2 का बढ़ता स्तर श्वसन से संबंधित मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए प्रभावी हो सकता है. एयर क्वालिटी मॉनिटर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जो वातावरण में मौजूद सूक्ष्म धूल कणों (PM 2.5 और PM10) के साथ-साथ कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फल डाइऑक्साइड और ओजोन जैसी गैसों की मापी करती है. यह मशीन तापमान, आर्द्रता और मौसम से संबंधित आंकड़े भी रिकॉर्ड करती है. इसके अलावा यह इलेक्ट्रानिक डिवाइस प्रदूषण का स्तर निर्धारित मानक से अधिक होने पर अलर्ट भी जारी करता है, ताकि संबंधित विभाग और आम लोग सतर्क हो सकें। इस इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से शहरी क्षेत्र के उन हिस्सों की पहचान की जाएगी, जहां प्रदूषण का स्तर मानक से अधिक है. रांची नगर निगम की ओर से धूल नियंत्रण, ब्लैकटॉप सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव, निर्माण कार्यों की निगरानी, कचरा जलाने पर रोक और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने जैसे प्रभावी स्टेप्स उठाए जा रहे हैं.

रियल टाइम डाटा के आधार पर बनाई जाएगी प्रभावी रणनीति- नगर आयुक्त

रांची नगर निगम के नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने बताया कि रांची को स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाने की दिशा में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम एक महत्वपूर्ण पहल है. इन मशीनों से प्राप्त रियल-टाइम डाटा के आधार पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाएगी. आम लोगों को हवा की गुणवत्ता की सटीक जानकारी मिलेगी, ताकि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सतर्क रह सकें. पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर लगातार कार्य जारी है. साथ ही विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.

स्वच्छ और स्वस्थ वायु शहर की पहचान- रोशनी खलखो

मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि रांची की स्वच्छ और स्वस्थ वायु शहर की पहचान ओर आम लोगों के बेहतर स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी है. स्वच्छ हवा सिर्फ सरकार या नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक शहरवासी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक रूप से कचरा जलाएं. निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन और साझा वाहनों का उपयोग करें. अधिक से अधिक पौधे लगाएं और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें. उन्होंने कहा कि शहरवासी छोटे-छोटे प्रयास से रांची को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने आम लोगों को वायु प्रदूषण के प्रति सजग रहने और पर्यावरण हितैषी आदतों को अपनाने का संदेश दिया. साथ ही शहर में स्वच्छता, हरित क्षेत्र के संरक्षण और वायु गुणवत्ता में सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया.