झारखंड में परिसीमन पर चर्चाएं तेज : रांची में 2 अगस्त को आदिवासी समाज करेगी बड़ी सभा
रांची:राज्य में SIR की प्रकिया 30 जून से शुरू हो चुकी है. अब राजनीतिक दलों में चर्चा परिसीमन पर शुरू हो गई है. अलग-अलग राजनीतिक दल के नेता परिसीमन परअपना विचार रख रहे हैं. परिसीमन के खिलाफ 2 अगस्त को आदिवासी समाज बड़ी सभा करने जा रही है.
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का कहना है कि SIR और परिसीमन एक प्रक्रिया है उसके तहत सभी राज्यों को गुजरना है. अब लोग राजनीति कर रहे हैं तो क्या किया जा सकता है. नेताओं का काम है राजनीति करना,नियम के तहत काम जारी रहेगा.
जबकि,पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने कहा कि पिछली बार राज्य परिसीमन से बाहर रहा,उसका राज्य पर क्या असर पड़ा. इसे लोगों को समझना चाहिए और उसके अध्ययन के बाद परिसीमन का विरोध जायज है.
वहीं,कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि पिछली बार परिसीमन के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने विरोध किया. जिसके बाद राज्य में परिसीमन नहीं हुआ. उसके पीछे का कारण यह था कि परिसीमन होने से आदिवासी सीट घट रही थी. अब फिर परिसमन होने जा रहा है, देखिए आगे क्या होता है उसके बाद आगे की रणनीति तय होगी.





