धनबाद मंडल कारा पहुंचे जेल आईजी : सुदर्शन मंडल ने व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश,कहा-सुरक्षा में लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त
धनबाद:जेल आईजी सुदर्शन मंडल नेशुक्रवार को अचानकमंडल कारा में औचक निरीक्षण करने पहुंचे. आईजी के अचानक पहुंचने की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया. इस दौरान आईजी सुदर्शन मंडल ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों को मिलने वाली सुविधाएं और जेल मैन्युअल के अनुपालन की बारिकी से जांच की. उन्होंने जेल के अति-संवेदनशील वार्डों, ऊंची दीवारों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और सीसीटीवी निगरानी कक्ष का भी अवलोकन किया.
कैदियों कीमूलभूत सुविधाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान आईजी ने जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश-निकास व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों की स्थिति का भी आंकलन किया. आईजी ने कैदियों को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं जैसे भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छता व्यवस्था की भी पूरी जानकारी ली.
आईजी नेविभिन्न हिस्सों का बारीकी से किया निरीक्षण
आईजी सुदर्शन मंडल ने जेल परिसर के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने बैरक, सुरक्षा चौकियों, मुख्य प्रवेश द्वार और निगरानी तंत्र का जायजा लेते हुए सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं करने की अधिकारियों को हिदायत दी.
'जेल की सुरक्षा राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी'
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जेल की सुरक्षा राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाएं जेल मैन्युअल के अनुरूप ही संचालित हो और कैदियों के अधिकारों का पूरी तरह सम्मान किया जाए. उन्होंने मुलाकात (मीटिंग) व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने पर भी जोर दिया.
'कैदियों के परिजनों कोनहीं होनी चाहिएअसुविधा'
आईजी ने कहा कि कैदियों से मिलने आने वाले परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और प्रक्रिया को सरल एवं व्यवस्थित रखा जाए. निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, रसोईघर और भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की गई. आईजी ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ कैदियों को गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जाए. जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने जेल अधिकारियों को सभी निर्देश सख्ती से पालन करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट कहा कि नियमित मॉनिटरिंग और अनुशासन के माध्यम से ही जेल व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है.
धनबाद से कुंदन की रिपोर्ट





