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डिजिटल जनगणना 2027 की शुरुआत : 33 सवालों से जुटेगा डेटा, मोबाइल ऐप और सेल्फ एन्यूमरेशन से बदलेगा पूरा सिस्टम

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NEWS DESK: भारत की जनगणना 2027 का पहला चरण आज यानी 1 अप्रैल 2026 से शुरु हो गया है. यह देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है. इसको लेकर सरकार ने व्यापक तैयारियां की है. इस बार पारंपरिक कागजी प्रक्रिया को पूरी तरह खत्म करते हुए मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए डेटा संग्रह किया जाएगा.

यह जनगणना दो चरणों में पूरी होगी. पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना की जाएगी,जिसमें घरों,उनकी स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी. यह चरण अप्रैल से लेकर 30 सितंबर 2026 तक चलेगा. इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा,जिसमें जनसंख्या से जुड़े आंकड़े एकत्र किए जाएंगे. खास बात यह है कि आजादी के बाद पहली बार इस प्रक्रिया में जाति से जुड़ी जानकारी भी शामिल की जा रही है.

इस बार जनगणना में करीब 30 लाख कर्मचारी और अधिकारी लगाए गए हैं,जो घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे. पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS)का उपयोग किया जाएगा. साथ ही,हर घर की लोकेशन डिजिटल मैप पर दर्ज की जाएगी,जिससे भविष्य की योजनाओं और आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी.

जनगणना के दौरान नागरिकों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे. इनमें मकान की संरचना,उपयोग,परिवार के सदस्यों की संख्या,मुखिया का नाम और लिंग,जाति,शिक्षा,पानी और बिजली की सुविधा,शौचालय,एलपीजी कनेक्शन,मोबाइल,टीवी,कंप्यूटर और वाहन जैसी जानकारी शामिल होगी. यह डेटा सरकार की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.

इस बार लोगों को सेल्फ एन्यूमरेशन यानी खुद अपनी जानकारी भरने का विकल्प भी दिया गया है. नागरिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन कर अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं. यह सुविधा 16 भाषाओं में उपलब्ध होगी और फील्ड सर्वे से पहले 15 दिनों तक सक्रिय रहेगी.

सरकार का मानना है कि डिजिटल जनगणना से डेटा अधिक सटीक,पारदर्शी और तेजी से उपलब्ध होगा,जिससे नीतियों और योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा.

संजय कुमार की रिपोर्ट--