छपरा में महिला की मौत पर बवाल : परिजनों ने शव रखकर किया सड़क जाम,ऑन हेल्थ अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
छपरा:शहर में ऑन हेल्थ अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद शुक्रवार की देर शाम जमकर हंगामा हुआ. आक्रोशित परिजनों ने भगवान बाजार थाना क्षेत्र स्थित बस स्टैंड के पास मुख्य सड़क पर शव रखकर यातायात बाधित कर दिया और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे. सूचना मिलने पर भगवान बाजार थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शव को सड़क से हटवाया. जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका.
प्रसवऑपरेशन के दौरान हुई लापरवाही
परिजनों के अनुसार संगीता देवी का पिछले सात माह से बस स्टैंड के समीप स्थित नेहा पांडेय के ऑन हेल्थ हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था. हाल ही में अस्पताल में उनका प्रसव ऑपरेशन से किया गया था. परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से महिला की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी.
ऑपरेशन के समय सर्जरी में गंभीर त्रुटि बरतने का आरोप
परिजनों ने बताया कि स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया. पटना में चिकित्सकों द्वारा जांच के दौरान बताया गया कि ऑपरेशन के समय सर्जरी में गंभीर त्रुटि हुई है,जिससे एक नस कट गई और महिला की हालत लगातार नाजुक होती चली गई. इलाज के दौरान आखिरकार महिला की मौत हो गई.
अस्पताल के बाहर विरोध-प्रदर्शन
महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण शव के साथ छपरा पहुंचे और संबंधित अस्पताल के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया. देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग जुट गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी होने लगी. परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की और मुआवजे की मांग करने लगे.
स्थिति बिगड़ने के बावजूद समय पर उचित इलाज नहीं करने का आरोप
आक्रोशित परिजनों का कहना है कि अस्पताल की कथित लापरवाही के कारण ही महिला की जान गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मरीज की स्थिति बिगड़ने के बावजूद समय पर उचित इलाज नहीं किया गया. वहीं, स्थानीय लोगों ने भी बताया कि इस अस्पताल को लेकर पूर्व में भी इलाज के दौरान मरीजों की मौत और लापरवाही के आरोप सामने आ चुके हैं. जिसके कारण कई बार हंगामे की स्थिति उत्पन्न हुई है.
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है. अधिकारियों का कहना है कि परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन और उपलब्ध चिकित्सीय दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं,अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आई है.





