BIG NEWS : सारे प्रोटोकॉल तोड़ राज्यपाल पहुंचे रविशंकर प्रसाद के घर, कहा कुछ ऐसा कि बीजेपी सांसद हो गये इमोशनल

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 Breaking all protocols the Governor reached Ravi Shankar Prasad's house  Breaking all protocols the Governor reached Ravi Shankar Prasad's house

PATNA : बिहार के नये राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सियासी रिश्तों के ऊपर निजी रिश्तों को तरजीह दी है और एकबार फिर सारे प्रोटोकॉल तोड़कर अपने जिगरी दोस्त और बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद से मिलने के लिए उनके घर पहुंच गये।

निजी रिश्तों को दी तरजीह

जी हां, रविवार को बिहार के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद खान ने पटना साहिब के बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद से उनके आवास पर मुलाकात की है। दोनों की ये मुलाकात करीब घंटेभर तक हुई और इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मुलाकात के बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि रविशंकर जी हमारे मित्र हैं, इनको हम फोन कर रहे थे। पहले ही आना चाहते थे लेकिन वह यहां नहीं थे तो आज आए हैं। मित्रता कोई नई नहीं है, जमाने से उनसे मित्रता है।

रविशंकर प्रसाद के घर पहुंचे गवर्नर

वहीं, सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान साहब ने हमें अभिभूत कर दिया है। जब पटना आए थे तो मैंने फोन किया और फिर इनसे लंबी बात हुई। फिर कहा कि पटना आएंगे तो मिलेंगे। फिर केरल चले गए थे। फिर यह जब लौट के 6 जनवरी को आए तो हमने कहा कि 12, 13 और 14 जनवरी में जो समय आप दीजिए, मैं आपसे मुलाकात करुंगा लेकिन उन्होंने कहा कि पहले मैं आपके घर आऊंगा तो बहस बहुत लंबी चली।

उन्होंने कहा कि आप मेरे दोस्त हैं, पहले मैं आपके घर आऊंगा। यह उनका बड़प्पन है। मैं उनका धन्यवाद देता हूं। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान साहब बहुत विद्वान आदमी है। इस मुलाकात के दौरान बिहार की शिक्षा पर बात हुई, गीता पर बात हुई।

बीजेपी सांसद हुए इमोशनल

बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अभी मुझे जानकर बहुत खुशी हुई कि वह महाकुंभ में हिस्सा लेने प्रयागराज भी जा रहे हैं। दो-चार जगह उनका संबोधन भी है। वे शिक्षा के प्रति बहुत प्रतिबद्ध लगे। मेरी शुभकामनाएं है। बिहार को बहुत ही लायक राजपाल मिले हैं। आज जो वह यहां खड़े हैं, यह तो शिष्टाचार की पराकाष्ठा है कि पहले मैं आऊंगा। उनका बहुत स्वागत और अभिनंदन है। यही आरिफ मोहम्मद खान साहब की पहचान है। आदमी किसी जगह पहुंचे, इन सारे रिश्तों का वजूद होता है। मैंने आज तक ऐसा राज्यपाल नहीं देखा कि मैं आपके घर जाऊंगा, अब मैं भी जाऊंगा। अब मिलना-जुलना लगा रहेगा।