BIHAR NEWS : स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका का मजबूत नेटवर्क बनी जीविका दीदियां

Edited By:  |
bihar news bihar news

पटना : बिहार में2006से पहले महिलाओं और उनके बच्चों के बीमार होने पर इलाज के लिए साहूकार से कर्ज लेना ही एकमात्र सहारा हुआ करता था. राज्य में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद महिलाओं को उस विभीषिका से छुटकारा मिल चुका है. आज महिलाएं जीविका से जुड़कर न सिर्फ आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं,बल्कि वह अपने अधिकारों के प्रति भी जागरूक हुई हैं. जीविका से जुड़कर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं. महिलाओं के सामने आज किसी के सामने हाथ फैलाने की मजबूरी नहीं है. यह बात मंगलवार को ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कही. वह पटना के गांधी मैदान स्थित ज्ञान भवन में आयोजित जीविका के समुदाय की आवाज (कम्युनिटी वाइसेज कॉन्क्लेव) विषयक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

आजीविका से सशक्तिकरण तक

कार्यक्रम में राज्यभर से जीविका समूह से जुड़ीं महिलाएं मौजूद थीं. विभागीय मंत्री ने कहा कि जीविका ने महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू हुई. इसके तहत महिला रोजगार के लिए राज्य में एक करोड़56लाख परिवार को10-10हजार रुपये का सहयोग राशि दिया गया. इन महिलाओं ने रोजगार के लिए जो भी काम शुरू किया है,उसके विकास के लिए आने वाले दिनों में दो-दो लाख रुपए का और सहयोग दिया जाएगा. इससे महिलाएं हर तरीके से सशक्त होंगी.

ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि बिहार में जीविका दीदी समाज की एक बड़ी हिस्सा हैं. ग्रामीण परिवेश में सबसे बड़ी समस्या गरीबी,स्वास्थ्य एवं कुपोषण की है. किचेन में सुपोषित खाना बनाने के लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होना होगा. इसमें जीविका की योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. उन्होंने कहा कि पोषक तत्व संबंधी फसलों की खेती से महिलाएं कुपोषण की समस्या से स्थाई तौर पर छुटकारा पा सकती हैं.

जीविका दीदियों ने देश में प्रस्तुत किया बड़ा उदाहरण

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्मृति शरण ने कहा कि बिहार की जीविका दीदियों ने देश में महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है. महिलाओं में जागरूकता का ही असर है कि आज महिलाएं स्वयं के साथ ही अपने बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य की देखभाल अच्छे से कर रही हैं. जीविका दीदियां महिलाओं को घर-घर जाकर उनके स्वास्थ्य और पोषण के बारे में बता रही और जागरूक कर रही हैं.

स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश

कुमार सिंह ने कहा कि जीविका से सामाजिक संतुलन ठीक हुआ है. समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग के जीविका से सीधा जुड़ाव है. ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य जीविका के सहयोग से संभव हो पा रहा है. ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के लिए सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं मुफ्त हैं. साथ ही आयुष्मान कार्ड योजना महिला हेल्थ के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है.

समाज कल्याण विभाग की सचिव वंदना प्रेयसी ने कहा कि देशभर में जीविका का सबसे बड़ा नेटवर्क बिहार में ही है. बिहार एक ऐसा राज्य है,जहां सभी जिलों में जीविका दीदियों के जरिए कई योजनाओं का संचालन सफलतापूर्वक हो रहा है. उन्होंने कहा कि वर्ष2047के विकसित भारत की परिकल्पना को हम प्रत्येक बच्चा और उसकी मां को स्वस्थ बनाकर पूरा सकते हैं. यह सब सिर्फ जीविका के साथ मिलकर ही संभव हो सकता है. इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली जीविका दीदियों को अतिथियों ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया. कार्यक्रम को स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह,जीविका के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिमांशु शर्मा समेत अधिकारी ने भी संबोधित किया.