Bihar News : शिक्षकों को वरीयता के आधार पर विकल्प का लाभ नहीं देने के मामले में शिक्षा विभाग ने की स्थिति स्पष्ट

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पटना: बिहार मेंशिक्षकों को जिला आवंटन में वरीयता के आधार पर विकल्प का लाभ नहीं देने के मामले में शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है.

अभ्यर्थियों की आपत्ति पर प्राथमिक शिक्षा की निदेशक ने कहा है कि विभागीय समीक्षा में साफ हुआ है कि जिला में कोटिवार स्वीकृत पद के अनुरूप ही पदस्थापना की कार्रवाई की गई है.

शिक्षा विभाग द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग को प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए जिलावार आरक्षण रोस्टर के अनुरूप37943पदों पर बहाली की अधियाचना भेजी गई थी.

बीपीएससी द्वारा आरक्षण रोस्टर के अनुसार36947सफल अभ्यर्थियों की अनुशंसा शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई गई.

विभाग द्वारा सफल अभ्यर्थियों को जिला आवंटन के पूर्व तीन-तीन जिलों का विकल्प दिया गया था.

इसका मकसद अधिक से अधिक सफल अभ्यर्थियों को उनकी सुविधा अनुसार जिला आवंटन का लाभ देना था.

प्राथमिक शिक्षक की निदेशक ने बताया कि बीपीएससी से प्राप्त अनुशंसा के तहत35386स्थानीय निकाय शिक्षकों द्वारा तीन-तीन जिले का विकल्प दिया गया था.

इनमें35333शिक्षकों के ही दस्तावेज काउंसलिंग के दौरान सही पाए गए.

काउंसलिंग में सफल35333अभ्यर्थियों से प्राप्त विकल्प और जिलावार उपलब्ध रिक्तियों के तहत सॉफ्टवेयर के माध्यम से कुल32688अभ्यर्थियों को उनके द्वारा दिए गए विकल्प के अनुरूप जिला आवंटित करने की अनुशंसा की गई.

इसके तहत विभाग द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुरूप35333अभ्यर्थियों में से कुल32688अभ्यर्थियों को उनके द्वारा दिए गए विकल्प के अनुसार जिला आवंटन किया गया है.

यह आवंटन करीब93प्रतिशत है. शिक्षा विभाग द्वारा93फीसदी सफल अभ्यर्थियों को उनके द्वारा दिए गए विकल्पों के अनुरूप जिले का आवंटन कर दिया गया है.

हालांकि इस बीच कुछ अभ्यर्थियों द्वारा यह कहा गया कि मेधाक्रम में ऊपर रहने के बावजूद उन्हें विकल्प का लाभ नहीं मिला है.

जबकि मेधा क्रम में नीचे वाले को विकल्प के अनुरूप जिला आवंटित किया गया है.

शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों की इस और आपत्ति पर भी समीक्षा की है.

समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि जिला में कोटिवार स्वीकृत पद के अनुरूप ही पदस्थापन की कार्रवाई की जानी है.

बीपीएससी द्वारा जिन सफल अभ्यर्थी की अनुशंसा जिस कोटि में की गई है,उस कोटि में स्वीकृत पद के अनुरूप उनके विकल्प को देखते हुए जिला आवंटन की कार्रवाई की गई है.

विभाग ने यह साफ किया है कि विभाग द्वारा हर कोटि में मेधा के अनुरूप विकल्प के आधार पर जिला आवंटन की कार्रवाई की गई है .

विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी सामान्य कोटि के वरीय मेधा क्रम वाले अभ्यर्थियों को छोड़कर सामान्य कोटि के कम मेधा क्रम के अभ्यर्थी को विकल्प का लाभ नहीं दिया गया है .

अन्य सभी कोटियों में भी इसी क्रम का अनुपालन किया गया है.

अगर ऐसा नहीं किया जाता तो बीपीएससी द्वारा कोटिवार की गई अनुशंसा की संख्या को भंग करना पड़ता.