BIHAR NEWS : मनरेगा योजना पर केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने विपक्ष पर सवाल खड़े किए,अब लोगों को 125 दिन काम मिलेगा

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समस्तीपुर: मनरेगा योजना के नाम बदलने को लेकर लगातार कांग्रेस केंद्र सरकार पर हल्ला बोल रही है. मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत बिहार के हर एक जिले में धरना प्रदर्शन व उपवास कर रही है. वहीं इस मामले पर जहां कांग्रेस मनरेगा जैसी ऐतिहासिक एवं जन कल्याणकारी योजना को लगातार कमजोर करने का षड्यंत्र बता रही है साथ ही मनरेगा योजना के नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाने की कोशिश नहीं बल्कि राष्ट्रपिता की घोर अपमान की बात कह रही है. वहीं केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कांग्रेस पर सवाल खड़े किए हैं.

रामनाथ ठाकुर ने कहा कि विपक्ष का काम है हाय तौबा मचाने का. वह अपना काम कर रही है,विपक्ष लोगों को भरमा रही है. केंद्र सरकार की इस योजना से लोगों को फायदा मिलने वाला है. युवाओं को100दिन के बदले125दिन रोजगार मिलेगा.

साथ ही सरकार की योजनाओं के बारे में बताया. उन्होंने कहा किमनरेगा कानून2005में बना था. तब से अब तक ग्रामीण परिदृश्य में व्यापक परिवर्तन हुआ है. इसलिए इस कानून में संशोधन की आवश्यकता थी.

अपेक्षाकृत समृद्ध और विकसित राज्य इस योजना का लाभ ले रहे हैं जहां इसकी आवश्यकता नहीं है. इसलिए यह योजना इच्छित लाभ प्राप्त करने में सफल नहीं हो पा रही है.

वर्तमान में भारत सरकार द्वारा लगभग86हजार करोड़ रुपए सालाना खर्च करने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में आशानुरूप विकास देखने को नहीं मिल रहा है.

कई राज्यों में60से80वर्ष के लोगों को मजदूरी करते हुए दिखाया जा रहा है जिससे यह पता चलता है कि इसका सदुपयोग नहीं हो पा रहा है.

इसी को देखते हुए नया कानून बनाया गया है ताकि-

1.इसमें डिजिटल तकनीक का उपयोग कर पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके.

2.काम के दिवस को100से बढ़कर125दिन किया गया है.

3.विकसित भारत2047में सभी को कम देने का लक्ष्य है.

4.राज्य सरकारों को यह अधिकार है कि वह बुआई तथा कटाई के समय अधिकतम60दिन का समय तय करें जिसके दौरान इस कानून के तहत काम नहीं कराया जाएगा ताकि कटाई बुआई के समय श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके.

5.पहले यह मांग आधारित थी अब इसे विकसित ग्राम पंचायत के लिए योजना आधारित बनाया गया है. राज्यों को कम विकसित ग्राम पंचायतों के विकास के लिए प्राथमिकता देने का अधिकार प्रदान किया गया है.

6.पूर्वोत्तर के राज्यों तथा पहाड़ी राज्यों में यह योजना90:10के अनुपात में होगी जबकि बाकी राज्यों में60:40के अनुपात में लागू की जाएगी.

7.ग्रामीण क्षेत्र में सभी को125दिनों का रोजगार प्रदान करने के लक्ष्य पर लगभग1,51,281.05करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है जिसमें केंद्र का हिस्सा95,692.31करोड़ है तथा राज्य का हिस्सा55,589करोड रुपए है.

8.समय पर काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता का भी प्रावधान है.

सरकार का लक्ष्य विकसित भारत के निर्माण में सभी को काम मिले,सभी को आवास मिले,सभी को शिक्षा मिले तथा सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो. इसी को ध्यान में रखकरVB-GRAM-Gनामक कानून बनाया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर सभी को सुलभ हो.