BIG NEWS : मधुबनी के बेनीपट्टी में जमीन विवाद में आत्मदाह का प्रयास, कोर्ट कमिश्नर को भीड़ ने जमकर पीटा
मधुबनी: जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के अधवारी गांव में मंगलवार को उस समय रणक्षेत्र जैसी स्थिति बन गई, जब कोर्ट के आदेश पर दखल दिहानी कराने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम के सामने ही एक पक्ष के बुजुर्ग ने विरोध जताते हुए खुद को आग के हवाले कर दिया. बुजुर्ग को जलता देख वहां मौजूद भीड़ उग्र हो गई और उसने प्रशासनिक टीम पर हमला बोल दिया.
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग द्वारा आत्मदाह का प्रयास करते ही मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. माहौल बिगड़ता देख अंचलाधिकारी (CO) अभिषेक आनंद और अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह किसी तरह वहां से जान बचाकर मौके से भाग निकले. हालांकि, कोर्ट के आदेश पर दखल दिहानी के लिए नियुक्त किए गए कमिशनर रत्नाकर झा भीड़ के हत्थे चढ़ गए. आक्रोशित भीड़ ने उन्हें बंधक बना लिया और करीब आधे घंटे तक उनकी लात-घूंसों और थप्पड़ों से जमकर पिटाई की.
यह पूरा मामला दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद से जुड़ा है:
पहला पक्ष (पीड़ित): राजेंद्र ठाकुर, जिन्होंने खुद पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली. पीड़ित परिवार का दावा है कि पूर्व में इस जमीन को लेकर उन्हें दो बार कोर्ट से डिक्री (फैसला) मिल चुकी है.
दूसरा पक्ष: महेंद्र यादव, जिनके पक्ष में हाल ही में कोर्ट ने डिग्री दी थी. इसी ताजा आदेश के आलोक में आज प्रशासन जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंचा था.
आग में बुरी तरह झुलसे बुजुर्ग राजेंद्र ठाकुर को आनन-फानन में पहले जिरौल के एक निजी अस्पताल ले जाया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेनीपट्टी के अनुमंडल अस्पताल रेफर किया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, बुजुर्ग की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर करने की तैयारी चल रही है.
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डीएसपी अमित कुमार, एसडीओ शारंग पानी पाण्डेय, और सर्किल इंस्पेक्टर नीरज कुमार वर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. फिलहाल अधवारी गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और एहतियात के तौर पर आस-पास के कई थानों की पुलिस वहां कैंप कर रही है. पुलिस हमलावरों की पहचान और मामले की जांच में जुट गई है.





