JHARKHAND NEWS : नीलांचल आयरन एंड पावर कंपनी पर प्रदूषण का आरोप: ग्रामीणों की जीवनशैली हो रही प्रभावित
सरायकेला के रतनपुर में प्रदूषण के कारण बढ़ रही समस्याएं
सरायकेला : जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र स्थित रतनपुर में नीलांचल आयरन एंड पावर लिमिटेड कंपनी के प्रदूषण से आसपास के ग्रामीण परेशान हैं। कंपनी के चिमनियों से निकलने वाला प्रदूषित धुंआ न केवल वातावरण को प्रदूषित कर रहा है, बल्कि इसके कारण खेत, घर और पानी भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषण के चलते उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, और उनके खेतों में फसल भी खराब हो रही है। रतनपुर के ग्रामीण बताते हैं कि वर्षों से उनकी सब्जी बागवानी और कृषि कार्य प्रभावित हो गए हैं। घरों में भी धूल और डस्ट से हालात खराब हैं, जिससे उनका जीवन मुश्किल हो गया है।
प्रदूषण का असर पर्यावरण और पशु-पक्षी पर
ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषण से न केवल इंसान, बल्कि पशु-पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं। प्रदूषण के कारण नजदीकी जल स्रोतों पर भी असर पड़ रहा है, और पेयजल की गुणवत्ता भी खराब हो गई है। कई ग्रामीणों ने बताया कि प्रदूषण से सोलर पैनल की सफाई करनी पड़ती है, क्योंकि कंपनी से निकलने वाला धूल सोलर पैनल पर जम जाता है और उन्हें चार्ज होने से रोकता है।
कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और राज्य सरकार का निर्णय
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नीलांचल आयरन एंड पावर लिमिटेड को 10 जनवरी 2025 तक पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने के कारण की गई है। बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के ध्वनि और वायु प्रदूषण स्तर ने निर्धारित मानकों को पार किया था, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा। राज्य सरकार ने बोर्ड के इस फैसले का समर्थन किया है और कहा है कि झारखंड में पर्यावरण सुरक्षा प्राथमिकता है।
एनजीटी द्वारा जुर्माना और आगे की कानूनी कार्रवाई
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भी इस मामले में एक्शन लिया था और कंपनी पर 23 लाख का जुर्माना लगाया था। स्थानीय निवासियों ने इस फैसले को राहत की सांस माना है और उम्मीद जताई है कि अब प्रदूषण पर काबू पाया जा सकेगा।
यह कदम न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि पूरे राज्य में पर्यावरण सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।





