झारखंड विधानसभा : सरयू राय ने औद्योगिक प्रदूषण का उठाया मुद्दा,तो पांकी विधायक ने बीपीएल बच्चों के 25 प्रतिशत एडमिशन पर खड़ा किया सवाल

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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें कार्यदिवस के दिन पहले सत्र में प्रश्नकाल के दौरान विधायक सरयू राय ने दामोदर नदी में विगत कुछ वर्षों से चल रहे औद्योगिक प्रदूषण का मुद्दा उठाया.विधायक सरयू राय के सवाल पर जवाब देते हुए मंत्री ने सदन को बताया कि एक तीन सदस्यीय टीम ने इस पर जांच की है. विसंगतियां यह पाई गई कि जो वॉल बनाया गया वह वॉल कंकरीट का नहीं है और जांच में चंद्रपुरा ताप बिजली घर पर जुर्माना लगाया गया है.

मंत्री ने बताया कि जांच टीम के सामने अगर सबूतों को मिटाने की कोशिश की गई तो इस बात से मैं इतर नहीं हूं, लेकिन जब जांच कमेटी गई तो उसे सही कर दिया गया और विभाग इसकी हर महीने रिपोर्ट लेती रही है. जिसे कारखानों से होने वाले बहिष्रव से निपटा जा सके.

वहीं, पांकी विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने बीपीएल बच्चों का 25 प्रतिशत एडमिशन का मामला उठाया. विपक्षी विधायकों ने कहा कि 1 किलोमीटर में बच्चों को प्रवेश मिलता है, लेकिन 30 मीटर से 400 मीटर की दूरी रहने वाले बीपीएल के बच्चों का चयन नहीं हो रहा है.

जिसके जवाब में मंत्री ने कहा कि अगर 25 सीटें भरी जानी है तो इनमें जिस भी छात्र का चयन होता है वह मैनेजमेंट की मौजूदगी में होता है.

उसके बाद नीरा यादव ने कहा कि जब चयन की प्रक्रिया लॉटरी पर आधारित है तो आखिर विशेष समुदाय के 75 फीसदी बच्चों का चयन कैसे हो रहा है. अनुशंसा के आधार पर एडमिशन होने से विश्वसनीयता खत्म हो रही है.

मंत्री ने जवाब में कहा कि आरटीई के तहत एडमिशन होता है. सूचना अधिकार अधिनियम भी लागू है, अगर किसी अभिभावक को ऐसा लगता है कि उनके साथ अनुचित हुआ है तो वह पूछ सकते हैं. अगर कोई स्पेसिफिक मामला है तो इस पर कार्रवाई की जाएगी.