झारखंड विधानसभा : सदन में गूंजा सांसद-विधायकों के जमीन आवंटन का मामला,जानिए संसदीय कार्य मंत्री ने क्या कहा
रांची:झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सदन के अंदर संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सांसद और विधायकों के लिए आवंटित जमीन के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि विधायक और सांसद के लिए साल 2018 में गृह निर्माण के लिए शुरू हुई प्रक्रियाऔर समिति की जमीन आवंटित की गई थी. जनप्रतिनिधियों के लिए कांके अंचल में जमीन चिन्हित कर घर बनाने के लिए 35 एकड़ जमीन हस्तांतरित की गयी थी. लेकिन, जो जमीन आवंटित की गई थी, उस पर अतिक्रमण की बात सामन आ रही है.
गृह निर्माण समिति द्वारा 14 अप्रैल 2018 को 35 एकड़ जमीन के लिए 01 करोड़ 70 लाख 62 हजार 570 रुपए जमा कर दिया गया और एक साल से ज्यादा वक्त में भूमि हस्तांतरित की प्रकिया पूरी कर ली गई. संसदीय कार्य मंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा किस्थानांतरण की प्रक्रिया इतनी तेजी से आगे कैसे बढ़ी. जबकि, 35 एकड़ में 21 एकड़ जमीन पर भूमिहीन खेती कर रहे हैं. 1970 में इस जमीन को भूमिहीनों के नाम से आवंटित किया गया था और आवंटन के बाद से उक्त भूमि पर खेती हो रही हैं. तत्कालीन सरकार के प्रेशर पर जमीन की बंदोबस्ती रद्द कर दिया गया और जमीन समिति के नाम से हस्तांतरित कर दिया गया और आज भी इस जमीन पर उन्हीं लोगों के कब्जे में है.
सदन में राधा कृष्ण किशोर ने जमीन की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि गरीब आदिवासियों की जमीन पर हम अपना मकान नहीं बनाएंगे. क्या कोई जनप्रतिनिधि तैयार होगा कि उन भूमिहीन को विस्थापित कर वहां पर अपना घर बनाने के लिए.यह सारी चीजें बीजेपी के शासनकाल में और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के शासनकाल में हुई थी. हम लोग ऐसे जमीन पर घर नहीं बनाएंगे. पोर्टल खोलने के बाद भी किसी भी हाल में वहां के ग्रामीण जमीन नहीं छोड़ेंगे. इन सभी बाते को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विभाग को 2 महीने के अंदर विवाद रहित जमीन तलाशने का निर्देश देगी.





