जेल से बाहर निकले आलमगीर आलम : काफिले के साथ पहुंचे आवास,समर्थकों में भारी उत्साह
रांची:झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद गुरूवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा की सलाखों से बाहर निकले. लगभग दो सालों से वे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद थे. आलमगीर आलम के जेल से बाहर आने की खबर से उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिली. बड़ी संख्या में समर्थक बिरसा मुंडा कारा पहुंचे हुए थे. जेल से बाहर निकलने पर उनके समर्थकों में गजब का उत्साह देखने को मिला.
मौके पर कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद
समर्थकों ने आलमगीर आलम के वाहन पर पुष्प वर्षा किया और उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे. जेल से बाहर निकलने पर अपने काफिले के साथ आलमगीर आलम धुर्वा स्थित आवास पहुंचे. इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी के नेता कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे.
आलमगीर आलम ने SC का जताया आभार
इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में आलमगीर आलम ने जमानत मिलने पर न्यायालय का आभार जताया. उन्होंने कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है. उन्हें न्यायालय की पूरी प्रक्रिया पर भरोसा है. आलमगीर आलम ने कहा कि आगे भी सत्य की जीत होगी.
टेंडर घोटाला मामले में हुई थी गिरफ्तारी
बता दें कि भ्रष्टाचार मामले में आलमगीर आलम को प्रवर्तन निदेशालय ने 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार सुबह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आलमगीर आलम और उनके पीए संजीव लाल को बड़ी राहत देते हुए जमानत दी थी. झारखंड हाईकोर्ट द्वारा पूर्व मंत्री और उनके पीए संजीव लाल की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. यह कार्रवाई उनके करीबियों के ठिकानों पर की गई थी. छापेमारी में 32.20 करोड़ रुपये से अधिक की नगद बरामद हुई थी.





