फिर खुली शराब घोटाले की फाइल : पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव और बेटे रोहित को ED का समन,चर्चाएं तेज
रांची: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तेज हो गई है. मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रही ED ने झारखंड सरकार के पूर्व वित्त मंत्री और वर्तमान लोहरदगा विधायक रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित उरांव को पूछताछ के लिए समन जारी किया है. दोनों को अलग-अलग दिन आवश्यक दस्तावेजों के साथ ED कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है. इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है. कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है,जबकि बीजेपी का कहना है कि जांच एजेंसी अपना काम कर रही है.
तीन साल पुराने मामले में फिर तेज हुई जांच
ED ने वर्ष 2023 में देवघर के विभिन्न थानों में दर्ज चार FIR के आधार पर ECIR दर्ज कर शराब घोटाला मामले की जांच शुरू की थी. जांच के दौरान एजेंसी को मिले दस्तावेजों के आधार पर यह जानकारी सामने आने का दावा किया गया कि रोहित उरांव ने पूर्व में शराब कारोबार में बड़ा निवेश किया था. ED अब इस निवेश के स्रोत और कथित शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी से जुड़े संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है.
फिर चर्चा में2023 की छापेमारी
23 अगस्त 2023 को ED ने तत्कालीन वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के आवास सहित राज्य के 36 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. उस दौरान रोहित उरांव से जुड़े ठिकाने से करीब 30 लाख रुपये नकद बरामद होने का दावा किया गया था. अब इसी मामले में आगे की जांच करते हुए ED ने दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया है.
कांग्रेस ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
ED के समन के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिस तरह पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में विपक्षी नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों के जरिए दबाव बनाया गया, उसी तरह झारखंड में भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है. पार्टी का कहना है कि वह ऐसी कार्रवाई से डरने वाली नहीं है और राजनीतिक लड़ाई मजबूती से लड़ेगी.
बीजेपी ने कहा-कानून अपना काम कर रहा है
वहीं,बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. पार्टी का कहना है कि ED एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और वह उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करती है. बीजेपी का कहना है कि भ्रष्टाचार करने वालों को कार्रवाई से पहले डर नहीं लगता, लेकिन जैसे ही जांच एजेंसी समन जारी करती है, वे इसे राजनीतिक रंग देने लगते हैं. यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होना तय है.
अब जांच के अगले चरण पर नजर
पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित उरांव को अलग-अलग दिन पूछताछ के लिए बुलाया गया है. दोनों से दस्तावेजों के साथ पूछताछ की जाएगी. तीन साल बाद इस मामले में ED की बढ़ी सक्रियता ने एक बार फिर शराब घोटाले की जांच को सुर्खियों में ला दिया है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि पूछताछ और आगे की जांच में कौन से नए तथ्य सामने आते हैं.





