बजट पर प्रतिक्रिया : ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज को मिली नई ताकत,अबुआ दिशोम बजट में समग्र उत्थान पर जोर-दीपिका पांडेय

Edited By:  |
budget par pratikirya budget par pratikirya

रांची:झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने वित्तीय वर्ष-2026-27 के बजट की सराहना की है. दिपिका पांडेय सिंह ने कहा कि महिलाओं के लिए संचालित 250 योजनाओं के माध्यम से राज्सरकार ने इस बार लगभग 34,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. सरकार ने जेंडर बजटिंग को 35 प्रतिशत तक ले जाकर महिलाओं को बराबरी के साथ आगे बढ़ाने का स्पष्ट संकल्प दिखाया गया है.

बजट पर ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है. इस बजट में गांव के लोगों पर विशेष फोकस है और गांव की सड़कें बने. इस बार के बजट में ध्यान दिया गया है. बजट में पंचायत भवन बनाने का भी जिक्र किया गया है. 232 योजनाओं के माध्यम से महिलाएं लाभान्वित हो रही है. मंत्री ने कहा कि यह बिल्कुल संयोजित बजट है. इस राज्य को आगे बढ़ाने के लिए महिला सश्क्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है.

देश के मानचित्र में झारखंड एक अलग और नई पहचान बनाएगा. जहां तक कि केंद्र से बकाया राशि का सवाल है तो, यह तथ्य है कि तमाम मानदंडों को पूरा करने के बावजूद मार्च से पहले लगभग 1,300 करोड़ रुपये झारखंड को मिल जाने चाहिए थे, लेकिन अभी तक सिर्फ चार सौ करोड़ रुपए आए है. उम्मीद है कि शेष किश्तें शीघ्र जारी होंगी, ताकि विकास की गति और तेज हो सके.पंचायती राज विभाग ने सभी निर्धारित क्राइटेरिया पूरे किए हैं, फिर भी पूरी राशि प्राप्त नहीं हो सकी है

मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास और पंचायती राज के लिए यह बजट ऐतिहासिक साबित होगा. इसका उद्देश्य केवल गांवों का ढांचा बदलना नहीं, बल्कि गांव में रहने वाले लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाना है.

मंत्री ने दोहराया कि विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ गांवों की तस्वीर और वहां रहने वाले लोगों के जीवन में ठोस बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है, ताकि झारखंड देश के मानचित्र पर एक सशक्त और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित हो सके.