बोकारो में BSL जमीन विवाद : सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण का मामला, जांच के लिए पहुंची टीम पर पत्थरबाजी
बोकारो:बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. भतुआ इलाके में अवैध प्लॉटिंग की शिकायत पर जांच करने पहुंची बीएसएल सिक्योरिटी टीम को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. आरोप है कि एक महिला द्वारा टीम पर झूठा आरोप लगाकर मामले को उलझाने की कोशिश की गई.
बताया जा रहा है कि जैसे ही टीम मौके पर पहुंची कुछ लोगों ने धनबाद सांसद ढुल्लू महतो का नाम लेकर दबाव बनाने की कोशिश की. जिसके बाद मामला गरमाता चला गया. टीम के साथ गाली-गलौज की गई और पत्थरबाजी तक का सामना करना पड़ा. स्थिति बिगड़ते देख बीएसएल की टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा.दूसरी ओर निर्माणकर्ता ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उनका कहना है कि जिस जमीन पर निर्माण हो रहा है वह उनकी पैतृक संपत्ति है और अवैध कब्जे का आरोप पूरी तरह गलत है.
अब इस पूरे मामले में बीएसएल प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. हालांकि,सच्चाई क्या है अब जांच के बाद ही खुलासा होगा. अगर जमीन बीएसएल की है, तो यह सीधा अवैध कब्जा और सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण का मामला बनता है. वहीं, यदि निर्माणकर्ता के दावे सही साबित होते है तो यह विवाद दस्तावेजी जांच के बाद शांत हो सकता है.
फिलहाल यह मामला जमीन के असली मालिकाना हक, स्थानीय प्रभाव और प्रशासनिक कार्रवाई यानी तीनों के बीच फंसा हुआ है. अब सबकी नजर जांच और कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है.





