विधानसभा का मानसून सत्र : स्वास्थ्य मंत्री ने पेश किया बिहार चिकित्सा,नर्सेज एवं तकनीशियन पंजीकरण विधेयक,NOC की छुट्टी
पटना:बिहार सरकार ने डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य तकनीशियनों को बड़ी राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने विधानसभा में बिहार चिकित्सा,नर्सेज एवं तकनीशियन पंजीकरण (संशोधन) विधेयक-2026 पेश किया है। इस संशोधन का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों के पंजीकरण को अधिक सरल और राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त बनाना है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की ओर से यह विधेयक सदन में प्रस्तुत किया गया।
पंजीकृत डॉक्टरों और नर्सों को अन्यराज्यों में NOC की जरूरत नहीं
नए प्रावधान के अनुसार अब किसी भी राज्य की मेडिकल काउंसिल या राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर (एनएमआर) में पंजीकृत डॉक्टर, नर्स और संबंधित स्वास्थ्यकर्मी बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए बिहार में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। इसी तरह बिहार में पंजीकृत डॉक्टरों और नर्सों को भी दूसरे राज्यों में प्रैक्टिस करने के लिए अलग से एनओसी लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से स्वास्थ्यकर्मियों की आवाजाही आसान होगी और उन्हें अलग-अलग राज्यों में बार-बार पंजीकरण कराने या अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे जरूरत के अनुसार विभिन्न राज्यों में डॉक्टरों और नर्सों की उपलब्धता भी बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी
यह संशोधन केंद्र सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के निर्देशों के अनुरूप लाया गया है। सरकार का मानना है कि पूरे देश में एक समान पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से चिकित्सा क्षेत्र में पेशेवर गतिशीलता बढ़ेगी और मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
कानून बनने के बाददेशभर के डॉक्टरों को मिलेगा लाभ
विधेयक के कानून बनने के बाद बिहार सहित देशभर के पंजीकृत डॉक्टरों, नर्सों और तकनीशियनों को किसी अन्य राज्य में काम करने के लिए अतिरिक्त औपचारिकताओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, विशेषज्ञों की उपलब्धता और स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।





