बिहार में स्टांप चोरी रोकने की बड़ी तैयारी : सदन में स्टांप (संशोधन) विधेयक-2026 पेश,100 प्रतिशत तक वसूला जा सकेगा जुर्माना
पटना: बिहार में संपत्ति की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा में बिहार स्टांप (संशोधन) विधेयक-2026 पेश किया गया है। इस संशोधन का उद्देश्य रजिस्ट्री के दौरान संपत्ति का कम मूल्य दिखाकर स्टांप शुल्क की चोरी पर रोक लगाना है।
नए प्रावधान के अनुसार यदि किसी संपत्ति की रजिस्ट्री बाजार मूल्य से कम कीमत दिखाकर कराई जाती है, तो उसकी जांच की जाएगी। संबंधित अधिकारी यह तय करेंगे कि संपत्ति का वास्तविक बाजार मूल्य क्या है। यदि जांच में मूल्य कम दर्शाया जाना सही पाया गया, तो खरीदार या संबंधित पक्ष से बकाया स्टांप शुल्क के साथ 100 प्रतिशत तक जुर्माना भी वसूला जा सकेगा।
संशोधित व्यवस्था में रजिस्ट्री के दौरान संपत्ति के मूल्यांकन की प्रक्रिया को और मजबूत किया गया है। विवाद या संदेह की स्थिति में मामला वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इससे मनमाने मूल्यांकन और राजस्व की चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने की उम्मीद है।
सरकार ने अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या नियमों की अनदेखी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यानी केवल खरीदार या विक्रेता ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
राज्य सरकार का मानना है कि इस संशोधन से स्टांप शुल्क की चोरी पर रोक लगेगी, सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी और संपत्ति रजिस्ट्री व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी। साथ ही, संपत्तियों का मूल्यांकन बाजार दर के अनुरूप सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे भविष्य में विवादों की संभावना भी कम होगी।
बिहार स्टांप (संशोधन) विधेयक-2026 को सरकार ने राजस्व संरक्षण और रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।





