गढ़वा : सरकारी आवास को लेकर दंपती में विवाद,महिला ने खाया जहर, हुई मौत
गढ़वा:जिला के मेराल प्रखंड में सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है,लेकिन जमीनी स्तर पर कई पात्र परिवार आज भी आवास से वंचित हैं. इसका खामियाजा ये हुआ कि आवास को लेकर दंपती में हुए विवाद में पत्नी की जहर खाने से मौत हे गई. इस घटना ने राज्य और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अबुआ आवास व प्रधानमंत्री आवास योजना पर सवाल खड़े कर दिए है.
आवास के अभाव मेंपारिवारिक विवाद
बताया जा रहा है कि मेराल प्रखंड क्षेत्र के संगबरिया पंचायत के राजहरा गांव निवासी अनवर अंसारी की पत्नी रबीना खातून ने आवास के अभाव में उपजे पारिवारिक विवाद में जहर खाकर अपनी जान दे दी. इस घटना के बाद सरकारी आवास योजनाओं के क्रियान्वयन और पंचायत स्तर पर उनकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. जानकारी के अनुसार,लंबे समय से पक्का घर नहीं मिलने के कारण दंपती के बीच अक्सर विवाद हुआ करता था. इसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद महिला ने आक्रोश और मानसिक तनाव में जहरीला पदार्थ खा लिया.परिजनों द्वारा उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया,जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
सरकारी आवास मिलने पर टल सकती थी घटना
घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है.ग्रामीणों का कहना है कि यदि जरूरतमंद परिवार को समय पर सरकारी आवास मिल जाता तो संभवतः यह दुखद घटना टल सकती थी. लोगों का आरोप है कि कई पात्र परिवार वर्षों से आवास योजना की सूची में नाम जुड़ने और स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं,जबकि कुछ अपात्र लोगों को लाभ मिलने की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं.
आवास योजनाओं के चयन और अनुशंसा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर आवास योजनाओं के चयन और अनुशंसा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उनका कहना है कि पात्र लाभुकों का सही चयन नहीं होने और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी के कारण गरीब परिवार आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं.





