JHARKHAND NEWS : JSSC-CGL घोटाला: राहुल गांधी के पत्र पर बाबूलाल मरांडी का तंज, सीएम हेमंत सोरेन से पूछे तीखे सवाल
झारखंड की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है। जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर जहां एक तरफ राज्य के छात्र लगातार सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं अब इस मुद्दे पर एक बड़ा राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। शुरुआत हुई है बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के तीखे बयानों से, जिन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है।
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों के मुद्दों को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक गुप्त पत्र लिखा है। मरांडी का सवाल यह है कि आखिर इस पत्र को भेजने में इतनी गोपनीयता क्यों बरती जा रही है? उन्होंने यहां तक कह दिया कि इस पत्र की जानकारी कांग्रेस के अपने प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष तक को नहीं है।
बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी और JSSC-CGL परीक्षाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा की सीटें बेची गईं, जिससे हजारों करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी पूछ डाला कि क्या इस पूरे मेधा घोटाले में राहुल गांधी की भी कोई हिस्सेदारी है?बीजेपी के इन तीखे हमलों पर कांग्रेस पार्टी भी पूरी तरह आक्रामक हो गई है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बाबूलाल मरांडी के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ अनर्गल बयानबाजी करने की आदत है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार में शामिल मंत्रियों द्वारा सार्वजनिक मंचों पर इस पत्र को पहले ही साझा किया जा चुका है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए यह भी सलाह दी कि यदि मरांडी अपनी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के संपर्क में रहते, तो शायद इस तरह के बेबुनियाद बयान देने से बच जाते।
एक तरफ जहां छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और सड़कों पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। देखना यह होगा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के हितों को लेकर यह राजनीतिक रस्साकसी आगे क्या नया मोड़ लेती है।