झारखंड की जनता को बिजली का झटका : बिजली के दाम में बढ़ोतरी, विद्युत नियामक आयोग ने जारी किया नया टैरिफ
रांची:राज्य के लाखों विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है. झारखंड विद्युत नियामक आयोग ने घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह की बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है. इससे आम लोगों से लेकर व्यापार और उद्योग जगत पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है. प्रति यूनिट दर बढ़ने से उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल बढ़ना तय है.
घरेलू कैटेगरी में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गई है. ग्रामीण इलाकों में प्रति यूनिट दर पहले 6 रुपये 70 पैसे लगते थे. वो अब 7 रुपये 20 पैसे हो जाएगा. वहीं शहरी उपभोक्ताओं के लिए यह 6.85 रुपये से बढ़कर 7.40 रुपये प्रति यूनिट हो गई है. अब भले ही फिक्स्ड चार्ज में बड़ा बदलाव नहीं किया गया है लेकिन यूनिट दर में वृद्धि का सीधा असर कुल बिल पर पड़ेगा. इससे आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ेगा.
व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली महंगी कर दी गई है. 5 किलोवाट से अधिक लोड वाले ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 6.20 की दर को बढ़ाकर 6.70 प्रति यूनिट कर दी गई है. जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 6.70 रुपये से बढ़ाकर 7.30 रुपये प्रति यूनिट तय कर दी गई है. इस बढ़ोतरी का असर छोटे दुकानदारों,प्रतिष्ठानों और सेवा क्षेत्र पर पड़ेगा. जहां पहले से ही लागत बढ़ने की समस्या बनी हुई है.
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी बिजली की दरों में इजाफा किया गया है. लो टेंशन औद्योगिक सप्लाई की दर 6.10 रुपये से बढ़ाकर 6.60 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है. जबकि हाई टेंशन सप्लाई 5.90 रुपये से बढ़कर 6.40 रुपये प्रति यूनिट हो गई है. उद्योगों के लिए बिजली एक प्रमुख लागत होती है. ऐसे में दरों में वृद्धि से उत्पादन लागत बढ़ेगी और इसका असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है.
संस्थागत श्रेणी और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी सेवाओं के लिए भी टैरिफ में बढ़ोतरी की गई है. इससे नगर निकायों और सरकारी संस्थानों के खर्च में इजाफा होगा, जिसका अप्रत्यक्ष असर आमलोगों पर पड़ सकता है.
रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट--