BSCB एवं COMFED के बीच MOA : मंत्री सुरेन्द्र मेहता ने कहा-किसानों की आय बढ़ाने हेतु सहकारिता और बैंकिंग व्यवस्था का आपसी समन्वय आवश्यक
पटना : राजधानी पटना के होटल "कौटिल्या पनाश" में मंगलवार को बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (BSCB) एवं कॉम्फेड (COMFED), पटना के मध्य एक महत्वपूर्ण एकरारनामा ज्ञापन (MOA) पर हस्ताक्षर किया गया. कार्यकम में मुख्य अतिथि सहकारिता मंत्री डॉ० प्रमोद कुमार एवं पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेन्द्र मेहता की गरिमाई उपस्थिति रही.
प्रबंध निदेशक,बिहार राज्य सहकारी बैंक द्वारा बताया गया कि भारत सरकार की पहल "सहकारिता में सहकार" के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को सशक्त बनाने तथा डोर स्टेप बैकिंग सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से सहकारी संस्थाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा जा रहा है. इसी क्रम में बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (BSCB)एवंCOMFEDके मध्य एक महत्वपूर्ण एकरारनामा ज्ञापन (MOA)संपादित किया जा रहा है.
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बैंक के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे ने बताया कि इस MOA का मुख्य उद्देश्य योजना के अंतर्गत प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों (PDCS) के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर उनको सारी बैंकिंग सुविधाएँ उपलब्ध कराना तथा उन्हें बैंक मित्र के रूप में विकसित करना है. इसके माध्यम से दुग्ध समितियों के व्यापक ग्रामीण नेटवर्क का उपयोग करते हुए किसानों एवं ग्राहकों को गामीण स्तर पर ही सभी प्रकार की बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी.
इस पहल के अंतर्गतPDCSको माइक्रो एटीएम के माध्यम से नकद जमा,नकद निकासी,बैलेंस जांच,खाता खोलना,डिजिटल लेन-देन,ऋण एवं बीमा सेवाओं जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएगी. इससे दुग्ध उत्पादक किसानों,महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों को बैंक शाखा तक जाने की आवश्यकता कम होगी तथा वित्तीय सेवाएं उनके घर तक पहुंच सकेंगी.
बिहार के डेयरी,मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री ने कहा कि दुग्ध एवं पशुपालन से जुड़े किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहकारिता और बैंकिंग व्यवस्था का आपसी समन्वय आवश्यक है. उन्होने कहा कि इस पहल से दुग्ध समितियों एवं पशुपालकों को आसान वित्तीय सुविधा मिलेगी,जिससे ग्रामीण रोजगार और आय के अवसर में वृद्धि होगी. यह योजना पशुपालन क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता व्यवस्था को मजबूत बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा रही है. उन्होंने कहा कि बैंक मित्र (DMA)पहल से गांव स्तर पर बैंकिंग सेवाएँ सुलभ होगी और सहकारी समितियाँ आर्थिक गतिविधियों का मजबूत केंद्र बनेंगी. इससे वित्तीय समावेशन बढ़ेगा तथा ग्रामीण लोगों को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी. यह पहल सहकारिता संस्थाओं के बीच पारस्परिक सहयोग को मजबूत करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगी,किसानों की आय वृद्धि में सहायक बनेगी तथा सहकारिता के माध्यम से समावेशी विकास के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी.
बिहार स्टेट को-आपरेटिव बैंक लि. की ओर से मनोज कुमार सिंह,प्रबंध निदेशक तथाCOMFEDकी ओर से समीर सौरभ,प्रबंध निदेशक द्वारा एकरारनामा पर हस्ताक्षर किया गया.
कार्यक्रम में सचिव,सहकारिता विभाग,बिहार,सचिव,पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग,बिहार,निबंधक,सहयोग समितियाँ,बिहार,बिहार राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे,विधायक सह अध्यक्ष नालंदा जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक लि डा० जितेन्द्र कुमार,मुख्य महाप्रबंधक,नाबार्ड,बिहार,बिहार राज्य सहकारी बैंक के निदेशक मंडल के सभी सदस्य,जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष,सहकारिता विभाग,कॉम्फेड,पटना एवं बिहार राज्य सहकारी बैंक के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही.
पटना से अमित कुमार सिंह की रिपोर्ट--