BIHAR NEWS : बिहार में उर्वरकों की भरपूर उपलब्धता, कालाबाजारी पर कृषि विभाग का बड़ा शिकंजा
पटना: कृषि मंत्रीविजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में किसानों के लिए उर्वरकों की किसी प्रकार की कमी नहीं है तथा सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं.उन्होंने बताया कि30जून2026तक राज्य में2.40मीट्रिक टन यूरिया,एक मीट्रिक टन डीएपी, 1.25मीट्रिक टन एनपीके और0.55मीट्रिक टन एसएसपी की जरूरत है,जबकि3जून2026तक राज्य में3.76लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.54लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.38लाख मीट्रिक टन एनपीके तथा1.17लाख मीट्रिक टन एसएसपी का भंडार उपलब्ध है.
विजय सिन्हा ने कहा कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है. मंत्री ने मीठापुर स्थित कृषि विभाग में उर्वरक की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे.
कृषि मंत्री ने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी,जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री रोकने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है. उर्वरक दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और अनियमितता की सूचना मिलने पर छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. इस वर्ष3जून2026तक अनियमितता के विरुद्ध29उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा208प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं. इन कार्रवाइयों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों का भी उपयोग किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि मुख्यालय स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल लगातार शिकायतों की जांच कर रहा है. राज्य में उर्वरकों की कालाबाजारी अथवा जमाखोरी संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रखंडवार उर्वरकों का उप-आवंटन स्थानीय आवश्यकता एवं आच्छादन के आधार पर किया जाए तथा प्रतिष्ठानों के पॉस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक और भौतिक स्टॉक का नियमित सत्यापन किया जाए. किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी.
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में उर्वरकों की अवैध निकासी रोकने के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है.
जिलावार कार्रवाई की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि पूर्वी चंपारण में323दुकानों की जांच में18दुकानों में अनियमितता पाई गई,जिनमें8दुकानदारों पर प्राथमिकी दर्ज की गई तथा5की अनुज्ञप्ति रद्द की गई. पश्चिम चंपारण में343दुकानों की जांच के दौरान25दुकानों में अनियमितता मिली,जिनमें1प्राथमिकी दर्ज की गई और3लाइसेंस रद्द किए गए. वहीं सीतामढ़ी में590दुकानों के निरीक्षण में46दुकानों में अनियमितता पाई गई,जिनमें2प्राथमिकी दर्ज की गईं तथा7लाइसेंस रद्द किए गए.
विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सीमावर्ती7जिलों में कुल2,573दुकानों का निरीक्षण किया गया,जिनमें275दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं. इसके परिणामस्वरूप19प्राथमिकी दर्ज की गईं, 123दुकानों की अनुज्ञप्ति रद्द की गई तथा85दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया.
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट--