स्वरोजगार की राह हुई आसान : एमएसएमई विशेषज्ञों ने छात्राओं को दिए सफल उद्यमिता के मंत्र
पटना : स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया एवं एमएसएमई तकनीकी सेवा केन्द्र, बोधगया के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर " एमएसएमई के माध्यम से हस्तशिल्प, सिलाई, फैशन एवं होम डेकोर उत्पादों में उद्यमिता एवं स्वरोजगार के अवसर" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया.
कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ. एमएसएमई सेंटर के मनोज कुमार, सेंटर हेड- एनएसआइसी टेक्निकल सर्विस सेंटर, मगध विश्वविद्यालय बोधगया एवं कमल नयन - मैनेजर एनएसआइसी टेक्निकल सर्विस सेंटर मगध विश्वविद्यालय बोधगया ने छात्राओं को एमएसएमई योजनाओं, स्वरोजगार, उद्यमिता विकास, हस्तशिल्प, सिलाई, फैशन डिज़ाइन तथा होम डेकोर उत्पादों के निर्माण एवं विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की. उन्होंने युवाओं को अपने कौशल का विकास कर आत्मनिर्भर बनने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रेरित किया.
कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने मगध विश्वविद्यालय बोधगया में स्थित एमएसएमई सेंटर का भ्रमण भी किया तथा विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे,जिनका विस्तार से समाधान किया गया. प्रतिभागियों कोMSMEद्वारा उपलब्ध प्रशिक्षण,वित्तीय सहायता,पंजीकरण प्रक्रिया तथा विपणन संबंधी सुविधाओं की भी जानकारी दी गई.
कार्यक्रम में स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉक्टर दीपशिखा पांडेय, सहायक प्राध्यापिका डॉक्टर सुषमा कुमारी पूजा कुमारी, आयुषी कुमारी, आशीष कुमार, गौतम कुमार अनामिका, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
अंकिता की रिपोर्ट--