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सिधवलिया की CO प्रीति लता पर FIR का आदेश : गोपालगंज डीएम ने कहा – सरकारी जमीन में मिलीभगत बर्दाश्त नहीं

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sidhwaliya ki co priti lata per fir ka aadesh

गोपालगंज : इस वक्त की बड़ी खबर गोपालगंज से सामने आ रही है, जहां सिधवलिया की अंचल अधिकारी प्रीति लता पर डीएम पवन कुमार सिन्हा ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. दरअसल CO का भूमि माफिया से मोबाइल पर बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है.

बताया जा रहा है कि फरार अपराधी और कथित भूमि माफिया रंजन यादव से सीओ की बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल ऑडियो में सरकारी जमीन, खासकर आंगनबाड़ी केंद्र की भूमि को लेकर मोबाइल पर बातचीत करने की बात सामने आई है. मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कार्रवाई का निर्देश दिया है.

यह मामला गोपालगंज जिले के सिधवलिया अंचल से जुड़ा है,जहां पदस्थापित अंचल अधिकारी प्रीति लता इन दिनों हड़ताल पर बताई जा रही हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ है,जिसमें कथित तौर पर फरार अपराधी और भूमि माफिया रंजन यादव से उनकी बातचीत होने की बात सामने आई है.

बताया जा रहा है कि वायरल ऑडियो में आंगनबाड़ी केंद्र की जमीन को लेकर बातचीत हो रही है. सीओ पर आरोप है कि बातचीत के दौरान सरकारी भूमि के कुछ हिस्से को लेकर जानकारी साझा की गई और कथित तौर पर भू माफिया को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई.

डीएम पवन कुमार सिन्हा ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर सिधवलिया की अंचल अधिकारी प्रीति लता और एक कथित भूमि माफिया के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है. ऑडियो में सरकारी जमीन के संबंध में बातचीत सामने आई है,जो प्रशासनिक मर्यादा और पद की गरिमा के विपरीत है. डीएम ने कहा कि अंचल अधिकारी का मुख्य दायित्व सरकारी भूमि की सुरक्षा और संरक्षण करना होता है,लेकिन वायरल ऑडियो से यह प्रतीत होता है कि सरकारी जमीन के बंदोबस्त को लेकर संदिग्ध बातचीत हुई है,जो गंभीर मामला है. डीएम ने इस पूरे मामले को प्रशासनिक गरिमा के खिलाफ बताते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया मामला काफी गंभीर प्रतीत होता है और इसमें मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है. उन्होंने सिधवलिया के संबंधित प्रभारी पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि 24 घंटे के अंदर अंचल अधिकारी प्रीति लता के खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी यानि एफआईआर दर्ज कराई जाए. फिलहाल इस मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है. प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल देखने वाली बात होगी कि वायरल ऑडियो की जांच में क्या सच्चाई सामने आती है और प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है.

गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट--