JHARKHAND NEWS : ब्लैकलिस्टेड एजेंसी के हाथ में थी JPSC परीक्षा की कमान; CID कार्रवाई के बाद चेयरमैन की छुट्टी
JPSC यानी झारखंड लोक सेवा आयोग में हुई धांधली को लेकर CID और पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को JPSC मुख्यालय समेत सात ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।इस कार्रवाई के दौरान उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, JPSC स्टाफ और आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL के ठिकानों पर रेड पड़ी। इस दौरान CID ने 8 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।गड़बड़ी की शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंच रही थीं, जिसके बाद सरकार के निर्देश पर CID ने FIR दर्ज कर यह बड़ी कार्रवाई की। छापेमारी के बीच ही JPSC के अध्यक्ष एल. खिंयांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा देकर राजभवन भेज दिया है।जांच में सबसे चौंकाने वाले खुलासे TDPL कंपनी को लेकर हुए हैं। यह वही एजेंसी है जिसे UP सरकार और खुद JSSC मई 2025 में ब्लैकलिस्ट कर चुकी थी। इसके बावजूद JPSC ने परीक्षा संचालन से लेकर ओएमआर शीट और रिज़ल्ट तैयार करने जैसे 8 अति-संवेदनशील काम इसी दागी कंपनी को दे रखे थे।
इतना ही नहीं, उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का डेढ़ महीने पहले तबादला हो चुका था, फिर भी वह किसके शह पर दफ़्तर आ-जा रही थीं, यह भी जांच का बड़ा केंद्र है।मामले में एक बड़ा 'परीक्षा सिंडिकेट' काम कर रहा था। TDPL के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी पर खुद JPSC और JSSC की 4-4 परीक्षाओं में धांधली करके पास होने का आरोप है! वहीं वन विभाग की परीक्षाओं में 350 से ज़्यादा ओएमआर सीट्स में हेराफेरी और उम्मीदवारों से खाली चेक व स्टांप पेपर लेने के गंभीर आरोप लगे हैं।छापेमारी में CID ने कई डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क और अहम दस्तावेज़ ज़ब्त किए हैं। अब देखना होगा कि जांच की यह आंच और कितने बड़े चेहरों तक पहुंचती है।