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महिला आरक्षण संशोधन बिल पास नहीं होने पर कल्पना सोरेन क्या बोलीं – पढ़िए खबर में

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MADAN KISHORE JHAलेखक

रांची: केंद्र की मोदी सरकार की ओर से प्रस्तावित महिला आरक्षण कानून में संशोधन का विधेयक संविधान ( 131वां संशोधन)2026 शुक्रवार को लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहे. इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष को महिला विरोधी बताते हुए कटघरे में खड़ा कर रहा है. वहीं दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन के नेता केंद्र की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं.

मामले में गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने कहा कि यह पक्ष और विपक्ष दोनों को पता था कि बिल में क्या होने वाला था और यह जो बिल है वो 2023 में ही पास हो चुका था. उस बिल में जो भी शर्त थी कि पहले जनगणना कराईए फिर परिसीमन और फिर आरक्षण क्योंकि केंद्र सरकार ने एक सिक्वेंस की बात कही थी. लेकिन चुनाव के बीच में अचानक तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाना सही नहीं था. अगर इसमें डिस्कशन करने थे तो चुनाव से पहले होना चाहिए या फिर चुनाव के बाद. कल्पना सोरेन ने कहा इसमें मंशा किसकी क्या है यह सबको पता है. जबकि केंद्र सरकार महिला अधिनियम बिल के बहाने क्या करना चाह रही थी यह किसी से छुपा नहीं है.

वहीं 33 फ़ीसदी पर भी सवाल उठाते हुए कल्पना सोरेन ने कहा कि जब हम आधी आबादी हैं तो रिजर्वेशन 50% होना चाहिए. झारखंड नहीं देश के हर राज्यों को पता है कि इनकी मंशा क्या थी.

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