JHARKHAND NEWS : स्टेट बार काउंसिल चुनाव में बड़ा फेरबदल, बीसीआइ के नए दिशानिर्देश लागू नहीं
झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। हाई पावर इलेक्शन सुपरवाइजरी कमेटी ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया यानी बीसीआई (BCI) के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसके तहत झारखंड में सात सीटें बढ़ाने के आदेश दिए गए थे।आपको बता दें कि बीसीआई के इस आदेश के बाद झारखंड स्टेट बार काउंसिल में सदस्यों की कुल संख्या 25 से बढ़कर 32 हो गई थी। लेकिन अब हाई पावर कमेटी ने मामले की सुनवाई करते हुए बीसीआई के 19 जुलाई के प्रस्ताव और 21 जुलाई को जारी निर्देशों पर पूरी तरह रोक लगा दी है।कमेटी का साफ कहना है कि बीसीआई का यह प्रस्ताव मौजूदा चुनाव प्रक्रिया, एडवोकेट्स एक्ट-1961 और सुप्रीम कोर्ट के 8 दिसंबर 2025 के आदेश के बिल्कुल अनुरूप नहीं है। समिति ने माना कि अगर यह प्रस्ताव लागू रहता, तो अन्य राज्यों की तरह जहां चुनाव पूरे हो चुके हैं, वहां असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती।
इस हाई पावर इलेक्शन सुपरवाइजरी कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया कर रहे हैं। उनके साथ सदस्य के रूप में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रविशंकर झा और वरिष्ठ अधिवक्ता वी गिरि शामिल हैं। कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि रिटर्निंग ऑफिसर और चुनाव समितियों को दिए गए बीसीआई के निर्देश मौजूदा चुनाव में लागू नहीं होंगे।सुनवाई के दौरान बीसीआई के प्रतिनिधि ने बताया कि यह महज एक प्रस्ताव है जिसे कानूनी मंजूरी के बाद लागू किया जाना था। हालांकि, चूंकि बार काउंसिल से जुड़े मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, इसलिए शीर्ष अदालत की अनुमति के बिना इसे लागू नहीं किया जा सकता।कमेटी ने सभी रिटर्निंग ऑफिसरों को निर्देश दिया है कि वे 9 फरवरी 2026 के दिशा-निर्देशों के तहत ही मतगणना की प्रक्रिया पूरी करें।लेकिन इस बीच पेचीदगी यह है कि बीसीआई के निर्देश के आलोक में 23 जुलाई को ही झारखंड स्टेट बार काउंसिल की बढ़ी हुई सात सीटों पर उम्मीदवारों के निर्वाचित होने की घोषणा की जा चुकी है। चीफ रिटर्निंग ऑफिसर जस्टिस अंबुज नाथ ने परिणामों का गजट नोटिफिकेशन के लिए महाधिवक्ता को भी भेज दिया है।