Hindi News / छात्रों का फूटा गुस्सा: हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का पुतला...

JHARKHAND NEWS : छात्रों का फूटा गुस्सा: हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का पुतला फूंका, दिया कड़ा अल्टीमेटम

Edited By:  |
jharkhand news

झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों एक ऐतिहासिक युवा संघर्ष का गवाह बन रही है। जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की कथित अनियमितताओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्रों का आंदोलन अब अपने 22वें दिन में प्रवेश कर चुका है और इसका तेवर अब और भी आक्रामक हो गया है। अल्बर्ट एक्का चौक पर छात्रों ने सत्ता पक्ष पर दबाव बनाने के लिए सांकेतिक पुतले फूंके हैं। छात्रों ने जिन तीन नेताओं के पुतले जलाये, वे सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख चेहरे हैं. प्रदर्शन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को निशाना बनाया गया. आंदोलनकारियों का यह कदम गठबंधन के नेताओं पर छात्रों की मांगों को लेकर दबाव बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है. खासकर कांग्रेस पर यह दबाव है कि वह छात्रों की मांगों को सरकार के स्तर पर उठाकर जल्द वार्ता की स्थिति तैयार करे.

आंदोलन स्थल पर छात्रों की संख्या में उतार-चढ़ाव के बावजूद विरोध कार्यक्रमों में बड़ी भीड़ जुट रही है. तिरंगा यात्रा और अन्य कार्यक्रमों के दौरान सड़कों पर बड़ी संख्या में छात्र नजर आये. इससे संकेत मिलता है कि आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल नहीं होने वाले कई छात्र भी मुद्दे को लेकर समर्थन जता रहे हैं और निर्धारित विरोध कार्यक्रमों में पहुंच रहे हैं.

सरकार और छात्रों के बीच संवाद की उम्मीद

लगातार प्रदर्शन के बीच सरकार की ओर से अधिकारियों की आवाजाही भी जारी है. एसडीएम, एडीएम और एएसपी समेत प्रशासनिक अधिकारी आंदोलन स्थल पर पहुंचते रहे हैं. छात्रों की ओर से भी यह कहा गया है कि समाधान का रास्ता संवाद से ही निकल सकता है. ऐसे में 18 अगस्त की समयसीमा से पहले सरकार और छात्रों के बीच दोबारा बातचीत शुरू होने की उम्मीद बनी हुई है.

श्वेत पत्र और नई नियुक्तियों का सुझाव

आंदोलन के समाधान के लिए सरकार की ओर से अब तक की कार्रवाई को सार्वजनिक करने का सुझाव भी सामने आया है. इसके तहत सरकार से श्वेत पत्र जारी कर यह बताने की मांग की गयी है कि छात्रों की ओर से पहले सौंपी गयी मांगों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई. साथ ही जेएसएससी सीजीएल की करीब 2000 सीटें और जेपीएससी की कुछ सीटों पर उम्र सीमा में राहत के साथ नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का सुझाव दिया गया है, ताकि आंदोलन कर रहे छात्र दोबारा अपनी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर लौट सकें.22 दिन से जारी आंदोलन के बीच छात्रों की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण बतायी जा रही है. बारिश और धूप के बीच प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों के बीमार होने की बात सामने आयी है. ऐसे में आंदोलन के और लंबा खिंचने से चिंता बढ़ रही है. फिलहाल छात्रों ने 18 अगस्त तक बातचीत का रास्ता खुला रखा है. यदि इस दौरान सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सहमति नहीं बनी, तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की घोषणा पर छात्र कायम हैं.