JHARKHAND NEWS : रांची के सोनाहातू में हुआ खरीफ कृषक गोष्ठी सह जागरुकता अभियान
रांची : कृषि विभाग सोनाहातू द्वारा आयोजित खरीफ कृषक गोष्ठी सह जागरूकता अभियान चलाया गया. इस कार्यक्रम में पंचायत सदस्य, मुखिया, प्रखंड कृषि तकनीकी प्रबंधक, किसान मित्र एवं धान उत्पादक किसान उपस्थित हुए. उपस्थित सभी प्रतिभागियों के साथ वार्ता करते हुए मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार वर्तमान खरीफ में अकाल की सम्भावना को देखते हुए धान की खेती को अनिश्चित मौसम से कैसे बचाते हुए अच्छा खेती कर वांछित उत्पादन प्राप्त किया जाये, इस पर चर्चा किया गया .
सभी को धान की नर्सरी तैयार करने के समय बीज को इफको नैनो डीएपी एवं एनपी के कंसोर्टिया से उपचार कर ही खेत में बुवाई करने की सलाह दी गई. मिट्टी में लम्बी अवधि तक नमी बनी रहे इसके लिए बायोडिकंपोजर से तैयार किए हुए खाद को कंपोस्ट में मिलाकर मुख्य खेत में रोपाई के पूर्व भुरकाव करने को कहा गया. रोपाई करते वक्त नैनो डीएपी से जड़ उपचारित कर ही मुख्य खेत में रोपाई करने की बात कही गई. ऐसा करने मात्र से ही नर्सरी शीघ्रता से अपने को खेत में स्थापित करते हुए जड़ों का त्वरित विकास करेगा जो फ़सल को मजबूत करते हुए सूखे की स्थिति में फ़सल को लम्बी अवधि तक लड़ने की क्षमता प्रदान करेगा.
खड़ी फसल में यूरिया के भुरकाव के समय इफको दानेदार सागरिका या धराअमृत का भी प्रयोग करें. यह फ़सल के आन्तरिक तंत्र को मजबूत कर विपरित परिस्थितियों से रक्षा करेगा. खड़ी फसल में नैनो यूरिया,नैनो डीएपी, सल्फेट ऑफ पोटाश का स्प्रे करें इससे फ़सल न केवल अजैविक झंझावातों से बचेगा बल्कि जैविक कारकों के कारण लगने वाले कीट और रोगों से भी मुक्त रहेगा. उन्हें यह भी बताया गया कि इन सभी आदान के प्रयोग जहां एक ओर सस्ता है वहीं दूसरी ओर इनके उपयोग से अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन भी प्राप्त होता है.