गढ़वा में पानी के लिए हाहाकार : स्थानीय महिलाओं ने तंग आकर झारखंड-छत्तीसगढ़ मुख्य मार्ग किया जाम
गढ़वा: जिले में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है, पारा 41 से लेकर 43 डिग्री के बीच रह रहा है. बावजूद पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. पेयजल की समस्या से तंग आकर स्थानीय महिलाओं ने एनएच 343 झारखंड-छत्तीसगढ़ मुख्य मार्ग को घंटों जाम रखा. भारी बारिश के बावजूद महिलाएं सड़क पर डटी रहीं. जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप किया तब जाकर मामला शांत हुआ. अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम हटाया गया.
खराब पड़े जलापूर्ति मोटर के कारणपानी की किल्लत
गौरतलब है की एक साल से खराब पड़े जलापूर्ति मोटर के कारण इलाके में पानी की किल्लत बनी हुई है. जिससे लोगों को लगभग एक किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है. स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने जल्द समाधान नहीं होने पर फिर आंदोलन करने की चेतावनी दी है.
मुखिया से लेकर प्रखंड कार्यालय तक सिर्फ आश्वासन मिलता
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि रंका कला पंचायत के मुखिया से लेकर प्रखंड कार्यालय तक का चक्कर काटते-काटते थक चुके हैं, उसके बावजूद समाधान नहीं निकाला गया है. लोगों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है. अब देखने होगा कि इस सड़क जाम के बाद भी स्थानीय लोगों की पेयजल की समस्या से निजात मिल पाता है या नहीं.
एक माह में अब तक 642 मामले सामने आये
पेयजल विभाग की माने तो सिर्फ एक माह में अब तक 642 मामले सामने आये हैं. जिस पर तत्काल हमारी टीम पहुंच कर समस्याओं का निदान कर रही है. वहीं, सरकार की ओर से एक झारजल नाम से एक पोर्टल बनाया गया है जिसमें लोग शिकायत करते हैं. विभाग की ओर से पूरे जिले में कुल 18,000 हजार चापाकल लगाए गए हैं. जिनमें से 2,000 हजार चापाकल बंद पड़ा है. जबकि, जनवरी से लेकर अबतक 3,000 हजार से ऊपर कम्प्लेन आ चुके हैं.
पेयजल से जुड़ी कई बड़ी योजनाएंपैसे के अभाव मे बंद पड़ी
जिले में पेयजल से जुड़ी ऐसी कई बड़ी योजनाएं है जो पैसे के अभाव मे बंद पड़ी हुई है. डीसी झारजल के माध्यम से प्रतिदिन पेयजल की समस्या को लेकर मोनेट्रिंग कर रहे हैं. विभाग के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि गढ़वा में भीषण गर्मी पड़ रही है. ऐसे में पेयजल की समस्या जो लेकर प्रतिदिन शिकायतें आ रही हैं हमने 18 टीम तैयार की है, जो अलग-अलग जगहों पर जाकर चापाकल की मरम्मती कर रही है.