दुमका का 47वां स्थापना दिवस : जरूरत पड़ी तो पूरा झारखंड असम जाकर संघर्ष करेगा, मंच से सीएम ने असम सरकार पर साधा निशाना

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dumka ka sthapna diwas

दुमका:उपराजधानी दुमका जिले के 47वें स्थापना दिवस पर हर साल की तरह इस साल भी भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए. जहां उनके आगमन पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देकने को मिला. कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे. समारोह में जेएमएम के तमाम नेता-विधायक शामिल हुए. झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में संथाल परगना प्रमंडल के सभी छह जिलों से विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी शामिल हुए.

शिबू सोरेन को याद कर छलके आंसू

इस समारोह का यह पहला मौका था जब गुरुजी शिबू सोरेन की कमी महसूस हो रही थी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने संबोधन में दिशोम गुरू को याद करते हुए भावुक हो गए थे. इस दौरान सीएम के आंखों से आंसू भी छलकते नजर आए. मंच से हेमंत सोरेन ने शिबू सोरेन को याद कर उनके संघर्ष की चर्चा की. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किस तरीके से झारखंड के विकास के लिए काम कर रही है और विभिन्न योजनाओं के जरिए उन्हें लाभ दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ज्यादातर भाषण संथाली में दे रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो पूरा झारखंड असम जाकर भी संघर्ष करेगा. क्योंकि असम में बीजेपी की सरकार है जो आपस में ही लड़ रही है.

झारखंड इतिहास बन रहा

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज झारखंड इतिहास बन रहा है कि सबसे बड़े वैश्विक मंच पर आदिवासी राज्य से आदिवासी प्रतिनिधित्व करने जाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य सबसे ज्यादा खनिज संपदा वाला राज्य है लेकिन, बजट में खनिज के नाम पर झारखंड का नाम तक नहीं दिया गया. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हमें अपने अधिकार से वंचित किया जाता रहा है लेकिन, हम अपना अधिकार लड़कर भी लेंगे और कानूनी तरीके से भी.

विरोधियों पर निशाना

हेमंत सोरेन ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज हर झारखंडी विरोधियों के हर षड्यंत्र को समझता है और हमें बोका समझने की भूल न करें. लोगों से अपील करते हुए कहा कि आपकी ताकत की बदौलत ही हम यहां हैं और इस ताकत को कमजोर नहीं होने देना है. हम इस संकल्प के साथ यहां से जाएं कि अपने बाल बच्चों को पढ़ाएंगे-लिखाएंगे और इस काबिल बनाएंगे कि समाज और राज्य का नाम रोशन कर सके.

दुमका से वरिष्ठ संवाददाता संतोष कुमार की रिपोर्ट