BIHAR NEWS : बिहार सरकार की डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में एक मजबूत कदम - उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा
पटना:राज्य सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एवं कृषि विभाग के संयुक्त रूप से संचालित किसान रजिस्ट्री (एग्री स्टैक) महाअभियान राज्य में तेज गति से आगे बढ़ रहा है. 15 जनवरी की शाम 6 बजे तक राज्य में कुल 12,73,854 किसानों की किसान रजिस्ट्री (फॉर्मर रजिस्ट्री) पूर्ण कर ली गई है,जबकि पीएम किसान से जुड़े कुल 20,10,202 किसानों का पंजीकरण दर्ज किया गया है.
इस संबंध में उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि एग्री स्टैक महाअभियान के अंतर्गत किसान रजिस्ट्री की यह प्रगति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार की डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में एक मजबूत कदम है. यूनिक किसान आईडी के माध्यम से किसानों को पीएम किसान सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिलेगा. हमारा लक्ष्य है कि अभियान की तय अवधि में प्रत्येक पात्र किसान को इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए और अपना राज्य इस क्षेत्र में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करे.
राज्य स्तरीय उपलब्धि
कुल पीएम किसान (लक्ष्य) - 75,01,563
शेष पीएम किसान - 62,27,709
आज का लक्ष्य (25 दिन में विभाजित)- 2,49,108
कुल फॉर्मर रजिस्ट्री - 20,10,202
कुल पीएम किसान फॉर्मर रजिस्ट्रेशन - 12,73,854
महाअभियान में राज्य के 11 जिलों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
इस महाअभियान में राज्य के 11 जिलों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए राज्य औसत से बेहतर प्रगति दर्ज की है, जिसमें मुजफ्फरपुर जिले में 1,17,138 किसान रजिस्ट्री किया है. वहीं वैशाली जिले में 96,776, भागलपुर में 86,440, पूर्णिया में 83,825, कटिहार में 83,540, अररिया में 77,722, सीतामढ़ी में 75,649, गयाजी में 75, 599, पूर्वी चंपारण में 74,366, दरभंगा में 70, 752 और सहरसा जिले में 65,666 किसान रजिस्ट्री की गई है. इन जिलों में जिला प्रशासन, राजस्व कर्मियों, कृषि विभाग, सीएससी और फील्ड स्टाफ के बेहतर समन्वय से अभियान को गति मिली है. वहीं मधुबनी, समस्तीपुर, सारण, नालंदा, भोजपुर, पश्चिमी चंपारण एवं खगड़िया जैसे जिलों में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रही है.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने कहा कि एग्रीस्टैक महाअभियान किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है. जिस गति से फॉर्मर रजिस्ट्री आगे बढ़ रही है, उससे स्पष्ट है कि सुनियोजित रणनीति, सतत मॉनिटरिंग और जिला प्रशासन की सक्रियता से बिहार शीघ्र ही शत-प्रतिशत लक्ष्य के करीब पहुंचेगा.