BIHAR NEWS : बिहार में फेल सिस्टम खत्म करने पर विचार, शिक्षा मंत्री के संकेत से छात्रों को मिल सकती बड़ी राहत
पटना: बिहार में स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. शिक्षा विभाग परीक्षा में पास-फेल प्रणाली को समाप्त करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है. इस संबंध में शिक्षा मंत्री की ओर से दिए गए संकेतों के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा तेज हो गई है. विभागीय स्तर पर इस प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है.
प्रस्ताव के अनुसार, यदि नई व्यवस्था लागू होती है तो छात्रों को परीक्षा में असफल घोषित करने की परंपरागत प्रणाली से राहत मिल सकती है. सरकार का मानना है कि केवल अंक आधारित मूल्यांकन से छात्रों पर अनावश्यक मानसिक दबाव बढ़ता है. कई छात्र परीक्षा के डर और असफलता की आशंका के कारण तनाव का सामना करते हैं. ऐसे में सीखने की प्रक्रिया को अधिक सकारात्मक और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
क्या हैं इसके मायने?
यदि फेल सिस्टम समाप्त होता है, तो बिहार की शिक्षा व्यवस्था में मूल्यांकन की पद्धति में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है. छात्रों का आकलन केवल वार्षिक परीक्षा के आधार पर नहीं, बल्कि पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान उनके प्रदर्शन, व्यवहारिक ज्ञान और गतिविधियों के आधार पर किया जा सकता है. इससे छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और पढ़ाई को लेकर भय का माहौल कम होगा.
हालांकि, शिक्षा विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि नई व्यवस्था के साथ मजबूत मूल्यांकन तंत्र विकसित करना जरूरी होगा, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित न हो. सरकार के सामने चुनौती होगी कि राहत और गुणवत्ता के बीच संतुलन स्थापित किया जाए.
अंतिम निर्णय होने के बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी. यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो बिहार के लाखों छात्रों के शैक्षणिक जीवन में यह एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--