BIHAR NEWS : मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कटाव निरोधक कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न
पटना: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में चलाए जा रहे कटाव निरोधक (Anti-Erosion)कार्यों से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्तुतिकरण सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस उच्चस्तरीय बैठक में बाढ़ सुरक्षा और कटाव निरोध से जुड़ी विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई.
बैठक के दौरान मुख्य सचिव के समक्ष जल संसाधन विभाग के विभिन्न अंचलों (कटिहार,गोपालगंज,पटना और मुजफ्फरपुर) के अंतर्गत चल रहे प्रमुख कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया,जिसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
कटिहार अंचल (भागलपुर): इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध के स्पर-8 और स्पर-9 के बीच क्षतिग्रस्त हिस्से के जीर्णोद्धार और सुरक्षा कार्य ने 98% भौतिक प्रगति हासिल कर ली है. इसके साथ ही गंगा नदी के बाएं तट पर झालूदास और ज्ञानीदास टोला में चल रहे कार्य की भौतिक प्रगति 76% तक पहुंच चुकी है.
गोपालगंज अंचल (सारण): सारण तटबंध के अंतर्गत है जलपुर गांव के पास गंडक नदी के दाएं तट पर चल रहा कटाव निरोधक कार्य 100% पूर्ण कर लिया गया है.
पटना अंचल (सारण एवं भोजपुर): सोनपुर ब्लॉक के बलीटोला से सबलपुर पछियारी टोला तक गंगा नदी के बाएं तट पर चल रहे कार्य में 49% भौतिक प्रगति दर्ज की गई है. वहीं,भोजपुर जिले के शाहपुर ब्लॉक में गंगा नदी के दाएं तट पर चल रहे कार्य की अद्यतन भौतिक प्रगति 66.50% है.
मुजफ्फरपुर अंचल (सीतामढ़ी): सीतामढ़ी के जमला-रसूलपुर गांव और बैरगनिया रिंग बांध के पास चल रहे कार्यों ने 57% भौतिक प्रगति प्राप्त कर ली है.
समीक्षा के उपरांत बिहार के मुख्य सचिव ने मानसून और बाढ़ की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए:
1. संशोधित समय-सीमा का सख्ती से पालन: जिन परियोजनाओं की पूर्ण होने की तिथि (TDC)विस्तारित कर 25 जुलाई और 31 जुलाई,2026 निर्धारित की गई है,उन्हें हर हाल में तय समय के भीतर गुणवत्ता के साथ शत-प्रतिशत पूरा किया जाए. समय सीमा में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
2. श्रमशक्ति और इनफ्लो में तेजी: जिन परियोजनाओं (जैसे बलीटोला और शाहपुर कार्य) में अगले 12 दिनों के भीतर 33% से 51% तक का बड़ा भौतिक लक्ष्य शेष है,वहां प्रतिदिन बोल्डर और क्रेट की आपूर्ति तथा मैनपावर को तत्काल बढ़ाया जाए.
3. 24/7 निगरानी और जीपीएस ट्रैकिंग: सभी कार्य स्थलों की वास्तविक स्थिति की निगरानी के लिए जीपीएस-सक्षम तस्वीरों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग जारी रखा जाए ताकि कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे.
4. बाढ़ पूर्व मुस्तैदी: सभी संवेदनशील स्पर,बेड बार और तटबंधों पर स्लोप पिचिंग और एप्रन के बचे हुए कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए ताकि आने वाले दिनों में जलस्तर बढ़ने पर जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, वरीय अधिकारी, मुख्य अभियंता और संबंधित अंचलों के अभियंता उपस्थित थे.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-