BIHAR NEWS : ई-कॉमर्स के बढ़ते विस्तार से पारंपरिक व्यापार प्रभावित, संतुलित व्यापार नीति की आवश्यकता
पटना:अशोक कुमार वर्मा, कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT), बिहार अध्यक्ष, एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) राष्ट्रीय अध्यक्ष व्यवसायिक प्रकोष्ठ ने कहा है कि देश में ई-कॉमर्स क्षेत्र के निरंतर विस्तार ने व्यापार के स्वरुप को पूरी तरह बदल दिया है. डिजिटल तकनीक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग से उपभोक्ताओं को अनेक सुविधाएं प्राप्त हुई हैं, लेकिन इसके साथ ही पारंपरिक बाजारों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय व्यवसायों पर इसका प्रभाव भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है.
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ई-कॉमर्स कारोबार में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप सरकार के जीएसटी संग्रह और कर राजस्व में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. डिजिटल भुगतान एवं ऑनलाइन लेन-देन की बढ़ती प्रवृत्ति ने कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और संगठित बनाया है.
वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में व्यापार का स्वरूप तेजी से सुविधा-आधारित एवं पूंजी-प्रधान मॉडल की ओर अग्रसर है. बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां विशाल निवेश, अत्याधुनिक तकनीक और मजबूत लॉजिस्टिक नेटवर्क के माध्यम से बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं, जबकि छोटे एवं मध्यम व्यापारी बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि देश के पारंपरिक बाजार केवल व्यापार के केंद्र नहीं हैं, बल्कि करोड़ों लोगों के रोजगार और आजीविका का आधार भी हैं. इसलिए आवश्यक है कि ई-कॉमर्स और पारंपरिक व्यापार के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा एवं समान अवसर सुनिश्चित करने वाली नीतियां बनाई जाएं.
वर्मा ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से आग्रह किया कि छोटे व्यापारियों को डिजिटल तकनीक अपनाने, ऑनलाइन व्यापार से जुड़ने, सस्ती वित्तीय सहायता प्राप्त करने तथा आधुनिक व्यापारिक संसाधनों तक पहुंच बनाने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएं. इससे देश का व्यापारी वर्ग बदलते आर्थिक परिवेश में और अधिक सशक्त बन सकेगा.
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास और पारंपरिक व्यापार की मजबूती के बीच संतुलन स्थापित करके भारत को विश्व की अग्रणी व्यापारिक एवं आर्थिक शक्ति बनाया जा सकता है.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट-