BIHAR NEWS : हर बिहारी का लक्ष्य हो कि हम कैसे बिहार को आगे बढ़ाएं - मंत्री श्रेयसी सिंह
पटना:उद्योग सह खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि हर बिहारी का एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि हम कैसे बिहार को आगे बढ़ाएं. तभी सतत विकास से विकसित बिहार की परिकल्पना साकार हो पाएगी. इस पर सभी को मंथन करना होगा. उद्योग मंत्री गुरुवार को अधिवेशन भवन में आयोजित बिहार एसडीजी कॉन्क्लेव2026को संबोधित कर रही थी.

इसके पूर्व उन्होंने योजना एवं विकास विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने योजना एवं विकास विभाग द्वारा एसडीजी से संबंधित प्रकाशित पुस्तक का विमोचन करने के साथ ही अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की वेबसाइट का शुभारंभ और डेटा लैब का उद्घाटन किया.
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने बिहार के विकास के लिए राज्य सरकार के स्तर से संचालित योजनाओं की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि जब बिहार समृद्ध होगा तभी भारत विकसित होगा. जब नीयत सही होगा तभी जिला और राज्य का विकास होगा. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है. जिसका परिणाम है कि हर क्षेत्रों में महिलाएं आगे हैं. सबसे बढ़ा उदाहरण पुलिस विभाग है, जहां चारो तरफ महिलाएं दिख रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार में कई बड़े-बड़े उद्योग स्थापित होंगे. इसके लिए लगातार कार्य किये जा रहे हैं.
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि20वर्षों के अंदर बिहार में काफी बदलाव आया है. बिहार की ग्रामीण सड़के भी देश के अन्य राज्यों से बेहतर है. इसके वजह से आज गांवों का प्रोडक्ट तेजी से शहरों में पहुंच रहा है. राज्य में एक्सप्रेस वे का तेजी से विकास हो रहा है. रोड नेटवर्क, रेल नेटवर्क पर तेजी से कार्य हो रहे हैं. अब तो गांवों में बिजली भी नहीं कटती है. उन्होंने कहा कि भारत के विकास में बिहार तेजी से विकास कर रहा है, लेकिन इतना सहयोग अन्य राज्य नहीं कर रहे.
वहीं भारत सरकार के ईएसी-पीएम सदस्य प्रो. शमिका रवि ने बिहार में हुए तेजी से बदलाव के बारे में विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि आज जो विकसित भारत देख रहे हैं वह विकसित बिहार के संभव नहीं है. भारत के जीडीपी में बिहार का ग्रोथ आगे है. बिहार के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में काफी कंजक्शन बढ़ा है. बिहार के लोग काफी मेहनती होते हैं तभी यह संभव हो पाया है. वहीं संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर श्री स्टीफन प्रीस्नर ने भी बिहार के विकास की चर्चा की.
आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए योजना एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजय लक्ष्मी ने कहा कि जिलों के विकास में डीएम और डीडीसी की महत्वपूर्ण भ्रूमिका है. हमारा जो सतत लक्ष्य है उसमें जिलों का अहम रोल है. पुराना बिहार और आज के बिहार में काफी बदलाव आया है जो सामने दिख रहा है.
एसीएस ने कहा कि केंद्र सरकार ने विकसित भारत2047का जो लक्ष्य निर्धारित किया है उसमें सबसे पहले विकसित बिहार2037का लक्ष्य हासिल करना होगा.
उन्होंने कहा कि एसडीजी के क्षेत्र में बिहार की निरंतर प्रगति हुई है. बिहार ने सतत विकास लक्ष्यों को राज्य की विकास प्राथमिकताओं के साथ जोड़ते हुए संस्थागत स्तर पर महत्वपूर्ण पहल की है. बिहार का समग्र एसडीजी स्कोर वर्ष2018-19के48से बढ़कर57हो गया है. राज्य ने11एसडीजी में सुधार दर्ज किया है. बिहार वर्तमान में छह एसडीजीएस- एसडीजी3 (अच्छा स्वास्थ्य एवं कल्याण) एसडीजी6 (स्वच्छ जल एवं स्वच्छता) एसडीजी7 (सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा) एसडीजी12 (जिम्मेदार उपभोग एवं उत्पादन) एसडीजी15 (स्थलीय पारिस्थितिकी) और एसडीजी16 (शांति, न्याय एवं सशक्त संस्थाएं) में फ्रंटरनर की श्रेणी में हैं. विशेष रूप से एसडीजी6 (स्वच्छ जल एवं स्वच्छता) के अंतर्गत बिहार ने98अंक प्राप्त किये हैं.
धन्यवाद ज्ञापन यूनिसेफ के डॉ. मोनिका नीलसन ने किया.