Patna : पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार के शहरी विकास, आवास और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा के विधानसभा चुनाव को चुनौती दी गई है. मधुबनी के झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र के सीपीआई उम्मीदवार राम नारायण यादव ने चुनाव परिणाम को रद्द करने की मांग करते हुए चुनाव याचिका दायर की है.

ये आरोप लगाया गया है कि निर्वाचित विधायक ने लंबित सभी आपराधिक इतिहास की जानकारी नामांकन पत्र के साथ नहीं दी है. इस मामले पर जस्टिस अशोक कुमार पांडेय की एकलपीठ ने सुनवाई की.

आवेदक की ओर से अधिवक्ता गोपाल कृष्ण ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत सभी उम्मीदवारों को आपराधिक इतिहास का सही सही जानकारी देना है. लेकिन मंत्री ने अपने नामांकन पत्र के साथ सही सही अपनी आपराधिक इतिहास की जानकारी नहीं दी है.

उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश मिश्रा ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज एक आपराधिक इतिहास की जानकारी नहीं दी है. जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा80, 80ए और81के तहत नियमों का उल्लंघन होने पर चुनाव को चुनौती दी जा सकती है.

कोर्ट ने चुनाव याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए विजयी उम्मीदवार को लिखित जवाब दाखिल करने का आदेश दिया.

पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट--