BIHAR NEWS : पटना HC ने फर्जी एनकाउंटर की साजिश रचने के मामले में संबंधित पक्षों को कोर्ट में उपस्थित होने हेतु नोटिस जारी करने का दिया आदेश
Patna : भागलपुर सेंट्रल जेल के मुख्य द्वार के बाहर से कथित अपहरण कर फर्जी एनकाउंटर की साजिश रचने के आरोप से जुड़े मामले में जस्टिस अरुण कुमार झा की एकलपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महत्वपूर्ण आदेश पारित किया. कोर्ट ने (जेल अधीक्षक,भागलपुर सेंट्रल जेल), (थानाध्यक्ष,चौक थाना,पटना सिटी) तथा (दारोगा) को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी करने का आदेश दिया है.
इसके साथ ही कोर्ट ने बिहार के पुलिस महानिदेशक,जेल महानिरीक्षक (कारा सुधार विभाग) तथा पुलिस अधीक्षक,पटना को निर्देश दिया है कि वे याचिका के प्रत्येक पैराग्राफ का बिंदुवार जवाब शपथपत्र के माध्यम से दाखिल करें. मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ओम प्रकाश कुमार ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता के पति अविनाश श्रीवास्तव को पटना सिटी के चौक थाना में पीछे के रास्ते से लाया गया. आरोप है कि 1 दिसंबर की आधी रात उन्हें एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के समीप ले जाकर उनकी जेब में जबरन गोलियां तथा कमर में एक देशी कट्टा रख दिया गया.
इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी देकर एक कथित "कन्फेशन वीडियो" बनाया गया,जिसमें दबाव डालकर अपराध स्वीकार कराया गया.
याचिका के अनुसार,अविनाश श्रीवास्तव को 29 नवंबर 2025 की सुबह भागलपुर सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा किया गया था. आरोप है कि जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकलते ही सादे कपड़ों में आए दो व्यक्तियों ने उनके साथ हाथापाई की और जबरन एक वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए. इसके बाद उन्हें बरौनी तथा सबलपुर थाना क्षेत्र में ले जाया गया,जहां पुलिसकर्मी कथित रूप से उनका एनकाउंटर करने के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश कर रहे थे.
इन्हीं आरोपों को आधार बनाते हुए पटना सिटी के चौक थाना के थानाध्यक्ष मंजीत ठाकुर,दरोगा गौरव कुमार तथा भागलपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक राजीव झा के विरुद्ध एक आपराधिक रिट याचिका दायर की गई है.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-