BIHAR NEWS : पंचायत स्तर पर होगा जन-समस्याओं का ऑन स्पॉट समाधान,नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
पटना: बिहार सरकार ने 'सबका सम्मान,जीवन आसान'अभियान के तहत पंचायत स्तर पर “सहयोग शिविर” लगाकर जन-समस्याओं का ऑन स्पॉट समाधान करने फैसला लिया है. इस सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़े. इस शिविर में आम लोगों को पंचायत स्तर पर सभी प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी.“सहयोग शिविर” बिहार सरकार की एक ग्रासरूट गवर्नेंस पहल है, जिसका लक्ष्य है सरकार को जनता के दरवाजे तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का तेज एवं पारदर्शी समाधान करना. इसके अलावा इस शिविर का उद्देश्य है जनता का विश्वास प्रशासनिक व्यवस्था में बढ़ाया जाए.
शिविर के सफल आयोजन को लेकर हुई बैठक
इस सहयोग शिविर के सफल आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई. जिसमें अब तक प्राप्त प्रतिवेदनों एवं शिकायतों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई. बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त आवेदनों, उनके निष्पादन की प्रगति और लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई. सहयोग शिविर के आयोजन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को नोडल समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई. सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना भी है, जिससे सरकारी सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाया जा सके. इस सहयोग शिविर का आयोजन राज्य के सभी पंचायतों में लगाया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोग आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सके.
हर महीने दो बार किया जाएगाशिविर का आयोजन
इस शिविर का आयोजन हर महीने दो बार किया जाएगा. जिसके लिए महीने के पहले मंगलवार और तीसरे मंगलवार का दिन निर्धारित किया गया है. इस सहयोग शिविर में बिहार का कोई भी नागरिक अपनी समस्या से सम्बंधित शिकायत दर्ज करा सकता है. सहयोग शिविर में लोग समस्याओं के समाधान से सम्बंधित अपने सुझाव भी सरकार को दे सकते हैं. जिन समस्याओं का समाधान तुरंत हो सकता है, उनका निपटारा भी शिविर स्थल पर किया जाएगा. वैसे मामले जिनके समाधान में समय लग सकता है, उसे भी एक तय समय सीमा के अंदर निपटाया जाएगा. ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है.
सहयोग शिविर मेंसरकार और प्रशासनिक अधिकारियों कीमौजूदगी अनिवार्य
सहयोग शिविर में सरकार और प्रशासन के बड़े अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य रूप से होगी. जिसमें जिला पदाधिकारी (डीएम), अनुमंडलाधिकारी (एसडीओ), भूमि सुधार अधिकारी के साथ पुलिस के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. इतना ही नहीं, इस शिविर में लोगों को सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ उसके लाभ और आवेदन की प्रक्रिया की भी जानकारी दी जाएगी.
सहयोग शिविर की निगरानी के साथ की जाएगी समीक्षा
प्रमंडलीय आयुक्त और जिला प्रशासन द्वारा इन शिविरों की मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि शिकायतों का सही समय पर समाधान हो सके. “सहयोग शिविर” बिहार सरकार की एक बहु-विभागीय पहल है, लेकिन इसका मुख्य संचालन और मॉनिटरिंग सामान्य प्रशासन विभाग और मुख्यमंत्री सचिवालय के स्तर से की जा रही है.
अभियान में कई विभाग हैं शामिल
राज्य सरकार के इस अभियान में कई विभागों को शामिल किया गया है. जिसमें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, गृह (पुलिस प्रशासन), ग्रामीण विकास, नगर विकास, सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बिजली, श्रम संसाधन के साथ कई अन्य विभागों को शामिल किया गया है. इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने “सहयोग हेल्पलाइन 1100” और “सहयोग पोर्टल” का उद्घाटन भी पिछले दिनों किया है.