BIHAR NEWS : राजद द्वारा पटना सहित पूरे राज्यभर के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर धरना कार्यक्रम पूरी तरह से सफल रहा - एजाज अहमद
पटना :बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव और प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के आह्वान पर राष्ट्रीय जनता दल के द्वारा पूरे पटना सहित राज्य भर के प्रखंड मुख्यालयों पर आयोजित धरना कार्यक्रम पूरी तरह से सफल रहा. इस कार्यक्रम को सफल बनाने पर पार्टी नेताओं सहित राज्य भर के सभी प्रखंड अध्यक्षों सहित जिला एवं प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ सभी वरिष्ठ नेताओं, सांसद, विधायक ,पूर्व सांसद ,पूर्व विधायक सहित पार्टी के सभी पदाधिकारियों की सराहना की है और कहा कि राष्ट्रीय जनता दल हमेशा जनता के मुद्दे और जनहित के सवाल पर सरकार को आइना दिखाती रही है और आगे भी आईना दिखाने का काम करेगी. पूरे राज्य भर के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर आयोजित धरना कार्यक्रम में लोगों की बड़ी भागीदारी से यह स्पष्ट हो गया कि बिहार में सरकार के प्रति जो गुस्सा और रोष राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ है वो धरना में भी देखने को मिला.
एजाज ने आगे कहा कि बिहार की जनता वैसी सरकार को नहीं चाहती है जो जन विरोधी कार्यों में लगी हुई है. सरकार के स्तर से नौजवानों को नौकरी और रोजगार मांगने पर लाठी से प्रहार किया जाता है और उन पर एफआईआर दर्ज कराया जाता है. बिहार में गरीबों ,शोषितों , वंचितों, पिछड़ों,अति पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार की घटनाओं में वृद्धि हुई है और उनके घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं. बिहार में अपराध बढ़ रहे हैं, अपराधियों का बोल - बाला है, सरकार का इकबाल समाप्त हो गया है, महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं में वृद्धि हुई है, महंगाई चरम सीमा पर है, पेट्रोल- डीजल और रसोई गैस के दामों में हर दिन बढ़ोतरी हो रही है. देश में जो सरकार चल रही है वह आमजन के प्रति अपनी जवाबदेही से भाग रही है और पेट्रोलियम कंपनियों के हितों का सरकार में बैठे हुए लोग उन कंपनियों के मुनाफे का ख्याल रख रहे हैं.
एजाज ने आगे बताया कि प्रखंड मुख्यालयों पर धरना कार्यक्रम पटना सहित सभी ज़िलों में लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिसमें राजद के नेताओं ,कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनों की भागीदारी देखने को मिली. उन्होंने कहा कि बिहार में चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में कोई कार्य नहीं हो रहे हैं, जिस कारण नीति आयोग ने भी बिहार को चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में फिसड्डी राज्य माना है.