BIG BREAKING : बाहुबली विधायक अनंत सिंह अब नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव,जानिए कौन संभालेंगे कमान
मोकामा: बिहार की राजनीति से बड़ी खबर मोकामा से सामने आई है। बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अब उनकी राजनीतिक विरासत उनके बड़े बेटे अभिषेक सिंह संभालेंगे और वही मोकामा विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे। यह आधिकारिक घोषणा अनंत सिंह ने बाढ़ अनुमंडल के घोसवरी प्रखंड सभागार में आयोजित जदयू कार्यकर्ता सम्मान समारोह के दौरान की। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उनके बेटे अभिषेक सिंह भी उनके साथ मौजूद थे।
बड़े बेटे अभिषेक सिंह करेंगे जनता की सेवा
मोकामा विधायक अनंत सिंह ने बाढ़ अनुमंडल के घोसवरी प्रखंड सभागार में आयोजित जदयू कार्यकर्ता सम्मान समारोह के दौरान बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह अब विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और उनकी जगह बड़े बेटे अभिषेक सिंह जनता की सेवा करेंगे तथा आगामी चुनाव में उम्मीदवार होंगे। अनंत सिंह ने कहा कि जनता का स्नेह और विश्वास हमेशा उनके साथ रहा है और आगे भी जब भी लोग बुलाएंगे, वह उनके बीच आते रहेंगे।
सार्वजनिक मंच से अभिषेक सिंह ने दिए चुनाव लड़ने के संकेत
अपने संबोधन में अनंत सिंह ने मोकामा की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र की समस्याएं कभी पूरी तरह खत्म नहीं होतीं। जनप्रतिनिधि का काम लगातार लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना है।वहीं,पहली बार सार्वजनिक मंच से अभिषेक सिंह ने भी चुनाव लड़ने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें योग्य समझेगी तो वह चुनाव जरूर लड़ेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले वर्षों में वह लगातार लोगों के बीच रहेंगे, उनकी समस्याओं को समझेंगे और विकास कार्यों को प्राथमिकता देंगे।
शिक्षा और स्वास्थ्य पहलीप्राथमिकता
अभिषेक सिंह ने कहा कि मोकामा के विकास के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उनका प्रयास रहेगा कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और विकास की गति तेज हो।
मोकामा की राजनीति में हलचल तेज
अनंत सिंह के इस ऐलान के बाद मोकामा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब यह माना जा रहा है कि मोकामा सीट पर नई पीढ़ी की राजनीतिक पारी शुरू होने जा रही है और आगामी विधानसभा चुनाव में अभिषेक सिंह की उम्मीदवारी चर्चा का बड़ा विषय बनेगी। सभी राजनीतिक दलों की नजर अब मोकामा के बदलते राजनीतिक समीकरणों पर टिकी रहेगी।