BIG BREAKING : पटना में पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की बैठक में हंगामा, किसानों ने किया जोरदार विरोध
पटना : राजधानी पटना में पाटलिपुत्र टाउनशिप को लेकर शनिवार को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक उस समय हंगामे में बदल गई, जब किसानों ने अपनी मांगों और जमीन अधिग्रहण को लेकर विरोध जताना शुरू कर दिया. ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित इस बैठक में नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
बैठक के दौरान नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान किसानों और स्थानीय लोगों ने अपनी आपत्तियां उठानी शुरू कर दीं. देखते ही देखते कई लोग मंच की ओर पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई. कुछ लोगों ने सरकार के समर्थन में तो कुछ ने विरोध में नारे लगाए. हंगामे के कारण बैठक का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया.
किसानों का आरोप है कि उन्हें बैठक में शामिल होने के लिए बेहद कम समय में सूचना दी गई. उनका कहना है कि यदि उन्हें पहले से बैठक की जानकारी दी जाती,तो बड़ी संख्या में किसान वहां पहुंचते और अपनी समस्याओं को मजबूती से रखते.
किसानों ने पाटलिपुत्र टाउनशिप के लिए प्रस्तावित जमीन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए. उनका दावा है कि सरकार करीब 81,730 एकड़ जमीन लेने की तैयारी कर रही है,लेकिन किसानों के हितों को लेकर पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं. किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी सहमति और उचित प्रक्रिया के बिना जमीन लेने की कोशिश की जा रही है.
किसानों ने कहा कि जमीन उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है और किसी भी फैसले से पहले उनसे विस्तृत बातचीत की जानी चाहिए. उन्होंने सरकार से मांग की है कि जमीन से जुड़े सभी पहलुओं पर किसानों के साथ खुली बैठक कर उनकी सहमति और हितों को प्राथमिकता दी जाए.
लगातार बढ़ते हंगामे के बीच मंत्री नीतीश मिश्रा को बैठक से वापस लौटना पड़ा. घटना के बाद पाटलिपुत्र टाउनशिप परियोजना को लेकर किसानों और सरकार के बीच संवाद तथा सहमति बनाने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-