अदालत का बड़ा फैसला : तिहरे हत्याकांड के दोषी को फांसी की सजा, बेगूसराय व्यवहार न्यायालय ने सुनाया फैसला
बेगूसराय: बड़ी खबरबेगूसराय से है जहां जिला अदालत ने तिहरे हत्या मामले में एक दोषी को फांसी की सजा सुनाई है.27अक्टूबर2019को दीवाली के दिन आरोपी ने अपने भाई,भाभी और भतीजी की गोली मारकर हत्या कर दी थी.
तिहरे हत्याकांड मामले में गुरुवार कोADJ-3के न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सिंह ने दोषी विकास कुमार को फांसी की सजा सुनाई है. आरोपी को बेऊर जेल से बेगूसराय जेल लाया गया था. इसके बाद गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने इस घटना को हीनियस क्राइम मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है. आरोपी विकास कुमार ने दीपावली की रात27अक्टूबर2019को त्रिपल मर्डर में अपने भाई कुणाल कुमार,भाभी कंचन देवी और भतीजी सोनम कुमारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस दौरान आरोपी विकास कुमार ने अपने भतीजा शिवम कुमार पर भी पिस्टल से फायरिंग की थी लेकिन कारतूस खत्म होने और मिस फायर होने की वजह से शिवम ने भाग कर अपनी जान बचाई थी. इस शिवम के आवेदन पर मामला दर्ज हुआ था और गुरुवार को उसे फांसी की सजा दी गई है. दोषी विकास कुमार इससे पहले नवंबर2012में अपने चाचा अरुण कुमार की घर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी,बाद में जून2017में चाचा हत्या मामले में गवाह अपनी चाची मनी देवी की घर के दरवाजे पर गोली मारकर हत्या कर दी थी और फिर2019में अपने भाई, भाभी एवं भतीजी की गोली मारकर हत्या कर दी थी,क्योंकि यह लोग अपने चाचा चाची की हत्या मामले में सहानुभूति रखते थे. इन सभी हत्याओं के पीछे जमीन विवाद और संपत्ति हरपने को लेकर अंजाम दिया गया था. तीन घटनाओं में परिवार के पांच लोगों की सीरियल किलर विकास कुमार को फांसी की सजा मिलने से पीड़ित परिवार में खुशी है. विकास कुमार को ट्रिपल मर्डर के4दिन के बाद देवघर से पुलिस ने गिरफ्तार किया था. विकास कुमार को पहले भी चाचा की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा मिली थी. लेकिन उसने हाईकोर्ट से फर्जी बेल का कागजात लगाकर जेल से बाहर आ गया था और बाहर रहते हुए उसने चाची की हत्या की और फिर त्रिपल मर्डर की घटना को अंजाम दिया था. सरकारी अधिवक्ता राम प्रकाश यादव ने बताया कि न्यायालय ने इस घटना को हिनियस क्राइम (दुर्लभ घटना) करार दिया है.
एपीपी राम प्रकाश यादव ने बताया कि एडीजी-3न्यायालय के न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सिंह ने सत्रवाद संख्या-465/21में दोषी विकास कुमार को फांसी की सजा दी है. इस मामले में हमने छह गवाहों की गवाही कराई और सभी गवाहों ने घटना का समर्थन किया.27अक्टूबर2019को विकास कुमार अपने ही घर में भाई कुणाल सिंह के घर में घुसकर कुणाल सिंह,भाभी एवं भतीजी की गोली मारकर हत्या कर दिया था. कुणाल सिंह का पुत्र शिवम इस घटना को दे रखा था. विकास ने शिवम पर भी दो फायर किया,लेकिन गोली मिस हो जाने के कारण शिवम की जान बच गई. इस घटना से पहले विकास कुमार ने अपने चाचा और चाची की भी हत्या कर दिया था.2012में चाचा की हत्या में आजीवन कारावास की सजा हुई थी. इसके बाद2017में चाची की हत्या कर दिया था,जो मामला एडीजे-4के न्यायालय में चल रहा है. विकास ने जो घटना किया ऐसा देखने को नहीं मिलता है. रेयर केस यह घटना हुआ. जिसमें अपने चाचा,चाची,भाई,भाभी और भतीजी की हत्या कर दिया हो. ऐसे लोगों का समाज में रहना कलंक की बात है और इसी को देखते हुए न्यायाधीश ने मौत की सजा सुनाई है.
मृतक के पुत्र शिवम कुमार ने बताया कि2019की बात है. मेरे अंकल ने मेरे घर में घुसकर मेरे माता-पिता और बहन की हत्या कर दिए.हमको भी पिस्तौल सटाकर दो बार फायर किया लेकिन फायर नहीं हुआ. हमको गोली नहीं लगा,मेरे मौसा एवं मामू को देखकर वह भाग गया. आज हुआ कि कोर्ट ने फांसी की सजा बोले हैं जज साहब विकास कुमार को.