सुपौल में 8वीं की छात्रा बनी एक दिन की मुखिया : स्वतंत्रता दिवस पर करेंगी ध्वजारोहण, महिलाओं की समस्या पर देंगी ध्यान
सुपौल: जिले के मरौना प्रखंड क्षेत्र की गनोरा पंचायत में इस बार स्वतंत्रता दिवस का आयोजन कुछ अलग अंदाज में होगा. पंचायत के मुखिया जितेंद्र कुमार ने छात्राओं को पंचायत के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने के लिए अनोखी पहल की है. पंचायत स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने वाली आठवीं कक्षा की छात्रा सोनी कुमारी को एक दिन के लिए पंचायत का मुखिया बनाया गया है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सोनी कुमारी पंचायत में राष्ट्रध्वज फहराकर सलामी देंगी. साथ ही ग्रामसभा में महिलाओं की समस्याओं और उनकी जरूरतों को सामने रखने की जिम्मेदारी भी निभाएंगी.

इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ महिलाओं को अपनी बात खुलकर रखने का अवसर देना है. मुखिया जितेंद्र कुमार के अनुसार,पंचायत में लंबे समय से काम करने के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि कई महिलाएं अपनी मूलभूत समस्याओं को खुलकर पंचायत प्रतिनिधियों के सामने नहीं रख पाती हैं. इसी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने प्रतियोगिता आयोजित कर छात्राओं को पंचायत की जिम्मेदारी समझने और महिलाओं की आवाज सुनने का अवसर देने का निर्णय लिया.
54छात्राओं ने दी परीक्षा,सोनी रहीं अव्वल
मुखिया जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में पंचायत की कुल54छात्राओं ने हिस्सा लिया. परीक्षा के बाद प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली सोनी कुमारी का चयन एक दिन की मुखिया के रूप में किया गया. सोनी ने इस जिम्मेदारी को लेकर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि इस पहल से उन्हें बहुत कुछ सीखने का मौका मिला है. पंचायत की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनका विशेष ध्यान महिलाओं से जुड़ी समस्याओं पर रहेगा.
सोनी स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के साथ ग्रामसभा में भी शामिल होंगी. यहां वे महिलाओं से उनकी समस्याएं और सुझाव जानेंगी. इन समस्याओं को पंचायत स्तर पर समेकित कर भविष्य की योजनाओं में शामिल करने की दिशा में काम किया जाएगा.
दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं छात्राओं को भी प्रशासनिक भूमिका
इस प्रतियोगिता में केवल प्रथम स्थान हासिल करने वाली छात्रा को ही मौका नहीं दिया गया है. द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली सुरची कुमारी और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली आरती कुमारी को भी पंचायत के प्रशासनिक कामकाज को समझने का अवसर दिया जाएगा. दोनों छात्राओं को अलग-अलग जिम्मेदारियों और पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यों की जानकारी दी जाएगी.
मुखिया ने बताया कि छात्राओं को यह समझाया जाएगा कि पंचायत में विकास योजनाओं को लागू करने में पंचायत सचिव,पंचायत रोजगार सेवक,विकास मित्र,किसान सलाहकार,आवास सहायक और स्वच्छता पर्यवेक्षक जैसे कर्मियों की क्या भूमिका होती है. पंचायत में किस स्तर पर कौन-सा काम होता है और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया क्या है,इसकी जानकारी भी छात्राओं को दी जाएगी.
गलतियों को पहचानने और सुधार का भी मिलेगा मौका
इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि छात्राओं को पंचायत के कामकाज को केवल देखने का मौका नहीं मिलेगा,बल्कि वे मौजूदा व्यवस्था को समझकर उसमें सुधार की संभावनाएं भी तलाशेंगी. मुखिया जितेंद्र कुमार ने कहा कि छात्राओं को बताया जाएगा कि पंचायत स्तर पर काम करते समय किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और उन्हें किस तरह दूर किया जा सकता है.
छात्राएं पंचायत में चल रही योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को समझेंगी. इसके बाद वे अपनी समझ के आधार पर सुझाव देंगी. इसका उद्देश्य बच्चों में प्रशासनिक सोच और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है.
महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता
मुखिया जितेंद्र कुमार ने कहा कि पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्हें यह महसूस हुआ कि महिलाओं की कई ऐसी समस्याएं हैं,जिन्हें वे पुरुष जनप्रतिनिधियों के सामने सहजता से नहीं रख पातीं. ऐसे में एक छात्रा के माध्यम से महिलाओं को अपनी बात रखने का अवसर देने की पहल की गई है.
उनका मानना है कि जब महिलाएं अपनी समस्याएं किसी महिला या लड़की के सामने रखेंगी तो वे ज्यादा सहज महसूस करेंगी. ग्रामसभा में सामने आने वाली समस्याओं को पंचायत की योजनाओं से जोड़कर आगे कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा.
आसपास के जिलों में भी चर्चा
गनोरा पंचायत की यह पहल अब सुपौल जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय बन गई है. आमतौर पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जनप्रतिनिधि या अधिकारी ध्वजारोहण करते हैं,लेकिन यहां प्रतियोगिता के माध्यम से एक छात्रा को एक दिन के लिए पंचायत की मुखिया की भूमिका देना महिला नेतृत्व और छात्राओं के सशक्तीकरण की दिशा में अलग प्रयास माना जा रहा है.
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि इससे छात्राओं को न केवल सरकारी व्यवस्था को करीब से समझने का अवसर मिलेगा,बल्कि उनमें नेतृत्व,निर्णय लेने और समाज की समस्याओं को समझने की क्षमता भी विकसित होगी. स्वतंत्रता दिवस पर सोनी कुमारी के हाथों होने वाला ध्वजारोहण इसी पहल का प्रतीक बनेगा.
सुपौल से विष्णु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट--